ताजनगरी से रोडवेज बसों का संचालन सोमवार से शुरू हो गया। हालांकि बसों में सवारियों का टोटा रहा। एक-दो बसें ही ऐसी रहीं, जिन्हें 50 सवारी मिल सकीं। ज्यादातर बसें 20-25 सवारियों के साथ विभिन्न रूटों पर भेजी गईं।
आईएसबीटी (अंतरराज्यीय बस अड्डा), ईदगाह और बिजलीघर से शाम तक 100 बसें चलाई जा सकीं। बस अड्डे पर सैनिटाइज मशीनें लगा दी गईं। 70 दिन बाद 311 रोडवेज बसों के संचालन की तैयारी थी।
इसी कारण ज्यादातर चालक, परिचालकों को भी ड्यूटी पर बुलाया गया था। सुबह लखनऊ, नोएडा और कानपुर रूट की सवारियां निकलीं। मथुरा, बुलंदशहर, बरेली, मुजफ्फरनगर भी दो-दो बसें भेजी गईं, लेकिन इनमें भी सवारियों की संख्या 50 तक नहीं पहुंची।
ज्यादातर बसों को 20 से 25 सवारियों के साथ रवाना किया गया। बस अड्डों पर इन और आउट वाले बैरियर
अभी नहीं लगाए जा सके। क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी, सेवा प्रबंधक एसपी सिंह ने व्यवस्थाएं देखीं।
ईदगाह और बिजलीघर से देहात के लिए चलीं बसें
बिजलीघर से बाह, फतेहाबाद, पिनाहट और ईदगाह से जगनेर, तांतपुर, फतेहपुर सीकरी, किरावली के लिए बसें संचालित की गईं। इन बस अड्डों पर भी दोपहर तक सवारियां मिलीं, लेकिन शाम को यहां भी बस चालक सवारियों का इंतजार करते ही नजर आए। यहां से सिटी बसें भी संचालित की गईं।
ये सावधानी बरती गई
- यात्रियों के बसों में सवार होने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई। - चालक, परिचालकों को हैंड सैनिटाइजर, मास्क व ग्लब्स दिए गए।
- बस अड्डों पर ऑटोमैटिक सैनिटाइजिंग मशीनें लगाई गईं।
प्रवासी मजदूरों को निशुल्क भेजा
आईएसबीटी पर सुबह करीब 45 प्रवासी श्रमिकों का जत्था हरियाणा से पहुंचा। यह सभी देहरादून जाना चाहते थे। इनको एक बस में बैठाकर निशुल्क देहरादून रवाना किया गया।