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यह व्यवस्था रोडवेज को पड़ सकती है महंगी, हाईवे पर बिना फास्टैग के दौड़ रहीं 300 से अधिक बसें

Thu, 28 Nov 2019 06:31 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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एक दिसंबर से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर एक लेन को छोड़कर बाकी लेन फास्टैग से जुड़ जाएंगी। इस कारण बिना फास्टैग की गाड़ी फास्टैग वाली लेन से गुजरी तो उसके चालक को दोगुना टोल चुकाना होगा। वहीं बिना फास्टैग वाली गाड़ियां एक ही लेन से गुजारी जाएंगी। इसमें घंटों तक इंतजार भी करना होगा।
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ऐसे में आगरा परिक्षेत्र की रोडवेज बसों से निगम को नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि यहां रोडवेज की आधे से ज्यादा बसों में अभी तक फास्टटैग नहीं लग सका है। परिक्षेत्र में साधारण व वातानुकूलित मिलाकर 583 बसें हैं। अभी तक 348 बसों में फास्टैग नहीं लग सका है। 

अगर नई व्यवस्था लागू होने से पहले इन बसों में फास्टटैग नहीं लगवाया गया तो निगम को इनका संचालन निगम को महंगा पड़ेगा। हालांकि आगरा परिक्षेत्र के सेवा प्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि 30 नवंबर तक राजमार्गों से गुजरने वाली बसों में फास्टैग लगवा दिया जाएगा।
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सिर्फ 45 फीसदी वाहन ही फास्टैग से लैस

टोल प्लाजा पर फास्टैग की टेस्टिंग की जा रही है। एक दिसंबर से सभी टोल प्लाजा पर शत-प्रतिशत लेन को फास्टैग व्यवस्था से लैस करना है। एनएचएआई के अधिकारी भी टोल प्लाजा पर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। फास्टैग खरीदने के लिए पंफलेट बांटे जा रहे हैं। वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए टोल प्लाजा पर उद्घोषणा भी करवाई जा रही है। 

एनएचएआई आगरा खंड के परियोजना निदेशक अरुण कुमार यादव ने बताया कि टूंडला टोल पर बुधवार को एक लेन छोड़कर सभी लाइनों पर फास्टैग का ट्रायल किया गया, लेकिन कुछ ही देर में जाम लग गया। किसी भी टोल पर 45 फीसदी वाहन ही फास्टैग से लैस पाए गए। इनमें भी 80 फीसदी कार्मिशियल हैं। 
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