एक दिसंबर से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर एक लेन को छोड़कर बाकी लेन फास्टैग से जुड़ जाएंगी। इस कारण बिना फास्टैग की गाड़ी फास्टैग वाली लेन से गुजरी तो उसके चालक को दोगुना टोल चुकाना होगा। वहीं बिना फास्टैग वाली गाड़ियां एक ही लेन से गुजारी जाएंगी। इसमें घंटों तक इंतजार भी करना होगा।
ऐसे में आगरा परिक्षेत्र की रोडवेज बसों से निगम को नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि यहां रोडवेज की आधे से ज्यादा बसों में अभी तक फास्टटैग नहीं लग सका है। परिक्षेत्र में साधारण व वातानुकूलित मिलाकर 583 बसें हैं। अभी तक 348 बसों में फास्टैग नहीं लग सका है।
अगर नई व्यवस्था लागू होने से पहले इन बसों में फास्टटैग नहीं लगवाया गया तो निगम को इनका संचालन निगम को महंगा पड़ेगा। हालांकि आगरा परिक्षेत्र के सेवा प्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि 30 नवंबर तक राजमार्गों से गुजरने वाली बसों में फास्टैग लगवा दिया जाएगा।