दिल्ली से हरदोई जा रही फर्रुखाबाद डिपो की बस को रात के नौ बजे बागवाला के समीप चेकिंग टीम ने रुकवा लिया। टीम को देख परिचालक बस को छोड़ भाग गया। अफसरों ने चेकिंग की तो पता चला कि बस में सवार अधिकांश सवारियों पर टिकट नहीं था।
टीम ने परिचालक को बमुश्किल खोजा और उससे बस में सवार यात्रियों के टिकट बनवाए, उसके बाद ही बस गंतव्य को रवाना हो सकी। इस दौरान करीब दो घंटे बस सुनसान इलाके में खड़ी रही, इससे यात्रियों में डर बना रहा। यात्रियों ने इस दौरान जमकर हंगामा किया।
बुधवार को दिल्ली से बस यात्रियों को लेकर निकली। देर शाम वह एटा क्षेत्र के बागवाला के पास से गुजर रही थी। जहां परिवहन निगम के अधिकारियों द्वारा चेकिंग कर रहे थे। बस के रुकते ही परिचालक टिकट मशीन लेकर खेतों में भाग गया। उसे भागते देख अधिकारी उसे रोकने के बजाए उसका वीडियो बनाने लगे।
इधर जब काफी देर तक परिचालक वापस नहीं लौटा तो यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। बस में फर्रुखाबाद के दो यात्री भी सवार थे, जो बीमार थे और परिजन जल्दी पहुंचाने की गुजारिश अधिकारियों से कर रहे थे।
रात के समय सुनसान स्थान पर बस के खड़ी हो जाने से सवार यात्री लूटपाट के भय से चेकिंग कर रही टीम से जा भिड़े। उनका कहना था कि बस में दो मरीज है। इस कारण बस को तेजी से दौड़वाया जा रहा था। करीब एक घंटे बाद चेकिंग टीम के सदस्य और यात्री परिचालक को खोजकर लाए और इसके बाद सभी यात्रियों के टिकट बनाए गए, तब जाकर बस आगे बढ़ सकी।
नहीं दिखाई संवेदना
बस में दो मरीज सवार थे। उनमें से एक पाली गांव निवासी राजेश तो दूसरा पपड़ी गांव निवासी रामकिशोर था। दोनों मरीजों का इलाज दिल्ली में चल रहा था। बुधवार को अस्पताल से छुट्टी होने के बाद वह घर आ रहे थे, उनके परिजनों ने अधिकारियों को बीमारी का हवाला दिया, लेकिन अधिकारियों ने संवेदना नहीं दिखाई।
मदनलाल, एआरएम,एटा का कहना है कि परिवहन निगम में दूसरे जिले की टीम आकर बसों की चेकिंग करती है। किस जगह की टीम आई थी। मामला संज्ञान में नहीं है। पता कर संबंधित डिपो के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।