उत्तर प्रदेश के आगरा में महज 30 मिनट की बारिश में ही नगर निगम के नाला सफाई की पोल खुल गई। सोमवार शाम चार बजे के बाद हुई बारिश में नालों के चोक होने से सड़कों पर पानी भर गया। सड़कें नहरों की तरह दिखीं। वाहन चालक भी इनसे होकर गुजरने में डरते रहे। पूरा शहर सड़कों, गलियों और नेशनल हाईवे पर जलभराव वह जाम से जूझता रहा।
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इसके अलावा नरायच, हाथरस रोड, सुल्तानगंज पुलिया के पास भी हाईवे पर जलभराव से जाम लगा। बारिश से शहर का शायद ही कोई कोना या क्षेत्र हो जहां नाला न उफना हो। इससे नेशनल हाईवे, सड़कें, गलियों, पॉश कॉलोनियों से लेकर मलिन बस्तियों तक लोग जलभराव से जूझे।
इन क्षेत्रों में नहरों जैसा तेज बहाव
दयालबाग में नगला बूढ़ी को निकले नाले का उफान सड़कों पर आ गया। दो गलियों में नहर के तेज बहाव जैसा पानी दिखा। खुले नाले और सड़क का अंतर खत्म हो गया। लोग सड़क पर गुजरने से डरते रहे। स्वामीबाग इंटर कॉलेज, हीराबाग कॉलोनी, वीर नगर, बल्केश्वर में आईटीआई रोड, शिवपुरी, अग्रवन और वाटरवर्क्स, रामबाग चौराहे से एत्माद्दौला सड़क पर सीता नगर और कटरा वजीर खां में जलभराव से सड़कें लबालब रहीं।
हाईवे भी जलभराव से जाम
वाटरवर्क्स चौराहे, सुल्तानगंज पुलिया और भगवान टॉकीज पर नगला पदी की ओर सर्विस लेन पर जलभराव रहा। हाथरस रोड पर जाम लग गया। आवास विकास कॉलोनी, ट्रांस यमुना कॉलोनी, शंकरगढ़ की पुलिया, मारुति एस्टेट, अलबतिया रोड, अवधपुरी, सुभाष नगर में जलभराव से परेशानी हुई। महावीर नगर में पानी घरों में घुस गया।
लंगड़े की चौकी नाला उफनने से लोगों के घरों में पानी भर गया। सेंट जोंस चौराहे पर नगर निगम को पंपसेट लगाना पड़ा। शाहगंज में सोरों कटरा रेलवे पुल और रूई की मंडी की ओर रेलवे पुल के नीचे जलभराव से परेशानी हुई।
दो से तीन घंटे में उतरा पानी
अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि अचानक तेज बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में पानी भरा, पर जल्द ही उतर गया। जहां पॉलिथीन के कारण नाले चोक हो गए, वहां कर्मचारियों ने पंजी और फावड़ों से कचरा हटाया। सफाई कार्य वाले नालों से सिल्ट भी उठवाई गई है। कुछ जगह पंपसेट लगाकर पानी निकलवाया गया। अभी नालों की सफाई पूरी तरह से नहीं हुई है। रेलवे पुल के नीचे, बिजलीघर चौराहा, शिवाजी मार्केट, नाला काजीपाड़ा में पानी भरा रहा, जहां दो से तीन घंटे पानी की निकासी में लगे।
महावीर नगर निवासी महेश चंद्र राठौर ने कहा कि नगर निगम ने नालों की सफाई ही नहीं की। बेहद खराब स्थिति है। अभी ये हाल है तो मानसून में क्या होगा। जहां नाले साफ हो चुके, वहां जलभराव कैसे हो गया।
दो घंटे तक जाम से जूझा
यमुनापार निवासी योगेश शर्मा ने बताया कि हाथरस रोड पर पानी भरने से दो घंटे तक जाम से जूझा हूं। नगर निगम ने नालों की सफाई ही नहीं की। जहां भी पानी भरा, बारिश का नहीं, बल्कि नालों का भरा है।
दो बच्चे नाले में गिरने से बचे
दयालबाग निवासी चंद्रशेखर ने बताया कि वीरी सिंह इंटर कॉलेज के पास नाला का पानी उफनकर सड़क पर आ गया। दो बच्चे नाले में गिरने से बच गए। उन्हें पता नहीं चला कि नाला किधर है और सड़क कहां।