लोकसभा चुनाव में आचार संहिता लगने के बाद अप्रैल में चार पहिया और दोपहिया वाहनों की बिक्री में भारी कमी आई। आचार संहिता में धनराशि लेकर जाने का डर कहें या फिर वाहनों के बीमा में बढ़ी धनराशि, लोगों ने निजी वाहनों की खरीद में कम रुचि दिखाई। इस कारण आरटीओ को आगरा मंडल में तकरीबन तीन करोड़ रुपये का झटका लगा।
लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने के बाद नगदी की चेकिंग की जाने लगी थी। एक अप्रैल से ही निजी दो पहिया और चार पहिया कार आदि की खरीद कम हो गई। गाड़ियों की खरीद पर चुनाव का असर आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी चारों जिलों में दिखाई दिया। इस कारण खरीद में गिरावट आ गई।
आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि एक अप्रैल से वाहनों का बीमा भी महंगा हो गया। पहले जहां दोपहिया वाहन में बीमा कराने में 1800 रुपये खर्च हो रहे थे, अब यह धनराशि पांच हजार रुपये पहुंच गई है। उधर, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी एक अप्रैल से बनी गाड़ियों पर लगना शूरू हो गईं।