कासगंज। सहावर में सड़क चौड़ीकरण के विरोध के मद्देनजर अधिकारियों ने व्यापारियों की बैठक बुलाई। विश्व बैंक, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और व्यापारियों ने एक दूसरे के समक्ष अपना अपना पक्ष रखा। व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रस्तावित सड़क का क्षेत्र गलत है। इस क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी नहीं अपितु नगर पंचायत की सड़क है। व्यापारियों ने विश्व बैंक और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से दस्तावेज भी मांगे।
हालांकि अब तक बैठक में समाधान नहीं बन सका है। पटियाली से सोरों के बीच सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। प्रस्तावित सड़क सहावर के मुख्य बाजार से होकर निकाली जाएगी। सड़क के चौड़ीकरण के लिए मुख्य बाजार में चिह्नांकन कर दिया गया है, जिसका व्यापारी विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों ने डीएम से शिकायत की तो डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ बैठक कर समाधान खोजने की कवायद शुरू की।
शनिवार को आहूत बैठक में व्यापारियों ने अधिकारियों से कहा कि सड़क नगर पंचायत की है। यदि सड़क लोक निर्माण विभाग की है तो वह उसका नक्शा दिखाएं। उन्होंने पटियाली से सोरों तक निकाली जाने वाली सड़क को बाईपास से निकालने को कहा। वहीं अधिकारियों ने राजस्व विभाग का सत्यापित नक्शा, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, शासन द्वारा मंजूर निविदा रिपोर्ट व्यापारियों के समक्ष रखी। विश्व बैंक के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर चिह्नांकन कराया गया है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश रहेगी कि व्यापारियों को कम से कम क्षति का सामना करना पड़े। बैठक में व्यापारियों के प्रतिनिधि के रूप में अभिनव वार्ष्णेय, रामकुमार वार्ष्णेय, भोलाशंकर गुप्ता, अशोक वार्ष्णेय, पंकज मिश्रा, प्रदीप वार्ष्णेय, गौरव वार्ष्णेय, अंकित वार्ष्णेय, रामकुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
बदलाव संभव नहीं
- तैयार प्रस्ताव के आधार पर सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। विश्व बैंक के उच्चाधिकारियों ने प्रस्ताव में बदलाव से स्पष्ट इंकार कर दिया है। यूं तो 12 मीटर तक सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है, लेकिन प्रयास होंगे कि सड़क चौड़ीकरण कुछ कम किया जा सके।
- मानिकचंद, अधिशासी अभियंता, विश्व बैंक