उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को 76 केंद्रों पर आयोजित की गई। तीन घंटे की परीक्षा में 200 प्रश्न पूछे गए। हिंदी, विज्ञान और तार्किक प्रश्न सरल रहे, जिन्हें देख अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे लेकिन इतिहास के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को परेशान किया।
सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक एक पाली में परीक्षा आयोजित की गई। 76 केंद्रों पर कुल 35,928 परीक्षार्थियों को शामिल होना था लेकिन 11,591 ने परीक्षा दी। बाकी 24,337 परीक्षार्थी यानी 67 फीसदी से अधिक अनुपस्थित रहे। 200 बहुविकल्पीय प्रश्नों में 60 हिंदी और 140 सामान्य अध्ययन के रहे।
सामान्य अध्ययन में तार्किक प्रश्नों के अलावा विज्ञान, राजनीति, भूगोल व इतिहास आदि के प्रश्न पूछे गए थे। परीक्षार्थियों ने बताया कि तार्किक व विज्ञान के प्रश्न सरल थे। इतिहास के प्रश्न कठिन आए। सुबह 10 बजे जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वह सबसे पहले आगरा कॉलेज लॉ फैकल्टी और फिर मुख्य परिसर स्थित केंद्र पर पहुंचे। यहां से सेंट जोंस कॉलेज केंद्र पर गए।
परीक्षा केंद्रों से लौटकर जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट स्थित सिविल डिफेंस कार्यालय में कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिये निगरानी की गई। कैमरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ा गया था। जिलाधिकारी ने बताया कि शुचिता के साथ पारदर्शी परीक्षा संपन्न हुई है।