कासगंज। गंगा नदी की रौद्रता बढ़ती ही जा रही है। नदी का पानी कई गांव की आबादी तक दस्तक दे रहा है। यदि इसी तरह पानी और बढ़ा तो तराई के ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ना तय है। हरिद्वार और बिजनौर से छोड़े गए पानी ने आगामी समय में मीडियम फ्लड के संकेत दे दिए हैं। ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ रही हैं। टीमें निरंतर गंगा के किनारे निरीक्षण में जुटी हुई हैं।
पहाड़ों पर हो रही बरसात से बैराजों पर पानी का काफी दबाव बढ़ा हुआ है। यह पानी निरंतर गंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। इन दिनों नदी में लो फ्लड के हालात हैं और सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हैं। फसलों के बाद पानी अब कुछ गांव के किनारे तक आ चुका है। ग्रामीणों को आशंका सता रही है कि यदि इसी तरह पानी की तीव्रता बढ़ती रही तो निश्चित ही पानी गांव की आबादी तक पहुंच जाएगा।
इन गांव के समीप पानी
सहावर क्षेत्र के गांव किलौनी किसौल, कासगंज क्षेत्र के गांव लहरा, बघेला, पटियाली क्षेत्र के गांव गठौरा, रिकहरा, नगला टिकुरी, नगला मुंता सहित कई गांव के समीप तक पानी पहुंच चुका है।
जलस्तर पर एक नजर-
- 169630 क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया।
- 176717 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 94402 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
- 163.50 मीटर के निशान पर कछला पुल पर जलस्तर।
फ्लड की स्थिति-
- 30000 क्यूसेक से अधिक साधारण बाढ़।
- 1 लाख से अधिक क्यूसेक पानी पर लो फ्लड।
- 1.5 लाख से अधिक क्यूसेक पानी पर मीडियम फ्लड।
- 2.5 लाख से अधिक क्यूसेक पानी डेंजर फ्लड।
- 3 लाख से अधिक क्यूसेक पानी पर हाई फ्लड।
- राजस्व और सिंचाई विभाग के अफसर निरंतर गंगा नदी का निरीक्षण कर रहे हैं। कहीं भी कटान की स्थिति नहीं है, लेकिन कुछ खेतों में पानी बढ़ गया है। संबंधित लेखपाल को गांव में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं- योगेंद्र कुमार, एडीएम।
- पटियाली तहसीलक्षेत्र के कादरगंज खाम सहित कुछ अन्य गांव के किनारों तक पानी पहुंच गया है। बैराजों से पानी छूटने के कारण अभी आगामी समय और पानी बढ़ेगा- संजय शर्मा, बाढ़ प्रभारी।