एटा में भीषण गर्मी के बीच दोपहर के समय अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सीधे तौर पर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। दोपहर के समय घर से बाहर बिना सावधानी निकलना आपको बीमार बना सकता है। चिकित्सकों के मुताबिक दिन में घर से बाहर निकलने से पहले पानी पी लें। इससे लू लगने की संभावना कम हो जाती है।
शहर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. निर्मल जैन बताते हैं कि गर्मी की वजह से बुखार के 15-20 मरीज रोजाना आते हैं। इनमें से चार-पांच हीट स्ट्रोक के होते हैं। इससे भी अधिक मरीज डिहाइड्रेशन के आ रहे हैं। हर दिन 20-25 मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गर्मी में सोडियम की कमी से मरीज को पैरों में जकड़न, बीपी लो और बेहोशी भी आ जाती है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीना ही सबसे बेहतर बचाव है।
- पेट एवं मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो सकता है।
- गर्मी में जूस एवं तरल पदार्थ का अत्यधिक सेवन करें।
- दिन भर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीएं।
- शरीर में पानी की उचित मात्रा बनाए रखें और दोपहर में घर से निकलने से बचें।
- गर्मी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करने से बचें।
- धूप से बचने के लिए छाता, गमछा, हैट आदि का इस्तेमाल करें। सूरज की सीधी किरणों से बचाव हो सकें।
- अचानक ठंडे से गर्म तापमान में या गर्म से ठंडे तापमान में न जाएं।
- फल एवं गन्ने का जूस, नारियल पानी का प्रयोग कराएं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि तेज धूप और लू से बच्चों में डिहाड्रेशन जल्दी होता है। उल्टी-दस्त एवं बुखार आए तो तुरंत अस्पताल लाकर दिखाएं। दोपहर के समय धूप में न जाने दें। थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पिलाते रहें।