मौसम बदलने और पानी कम पीने से त्वचा की एलर्जी बढ़ रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज की त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में खुजली, चकत्ते की दिक्कत के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक गर्म के बजाय सादा पानी से नहाने की सलाह दे रहे हैं।
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि बताया कि सोमवार को 298 मरीज आए। इसमें खुजली, चकत्ते, लाल दाने और चेहरे पर झाइयां के मरीज सबसे ज्यादा रहे। सोरायसिस के मरीजों की संख्या भी बढ़ी मिली। बदलते मौसम के कारण लोग पानी कम पी रहे हैं। कई ऐसे भी हैं, जो अभी भी गर्म पानी से नहा रहे हैं। इससे त्वचा की नमी प्रभावित होती है। लोग ताजे पानी या फिर मामूली गुनगुने पानी से ही नहाएं। धूप में जाने से पहले शरीर को ढक लें।
वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि तापमान में अंतर आने से अस्थमा और सांस रोगियों की परेशानी बढ़ी है। धूल-धुआं से सूखी खांसी, सीने में जकड़न और सांस फूलने की परेशानी हो रही है। ओपीडी में 332 मरीज आए। दवाएं बंद कर देने वाले मरीजों की परेशानी ज्यादा बढ़ी मिली।
ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। 3793 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसमें सबसे ज्यादा मेडिसिन विभाग के 799 और हड्डी रोग में 404 मरीज आए। पर्चा, दवा और जांच के लिए मरीजों को मारामारी और धक्का-मुक्की झेलनी पड़ी। टेढ़ी बगिया निवासी देवेंद्र कुमार ने बताया कि पिताजी को सांस लेने में दिक्कत होने पर दिखाने आए थे। लंबी लाइन की वजह से करीब तीन घंटे में इलाज मिल पाया।