बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयुक्त सभागार में मंत्री, सांसद, विधायकों और भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक की। मंडल की 23 विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समीक्षा की गई। जिसका सियासी संदेश साफ था, कोई पॉजिटिव वोट छूटे नहीं। साथ ही बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट मजबूत होना चाहिए।
ब्रज भाजपा का गढ़ है। आगरा में नौ विधानसभा सीटों पर भाजपा काबिज है। मथुरा, मैनपुरी और फिरोजाबाद सहित कुल 23 विधानसभा सीटें हैं। जहां एसआईआर हो चुका है, अब फाइनल टच दिया जा रहा है। इस फाइनल टच से पहले सीएम योगी संगठन और सरकार के बीच सेतु की भूमिका में आ गए हैं।
मिशन 2027 में सत्ता का रास्ता ब्रज से होकर गुजरेगा। ऐसे में सीएम की समीक्षा के सियासी मायने भी सोमवार को साफ थे। उन्होंने मंडलभर के विधायक, पार्टी पदाधिकारियों को बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं सहित जुट जाने के निर्देश दिए। 11 दिसंबर को एसआईआर प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। तीन दिन शेष हैं। ऐसे में हर बूथ खास है। हर बूथ पर कमल खिलाने में माइक्रो मैनेजमेंट की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
विपक्ष की दोहरी रणनीति से भी सीएम ने सतर्क रहने के लिए कहा है। बैठक में भाजपा पदाधिकारियों के पास हर विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े मौजूद थे। किस विधानसभा क्षेत्र में कितने वोट हैं। कितने गणना फॉर्म भरे गए। कितने जमा हुए। कितने मतदाता मृतक, अनुपस्थित और स्थानांतारित मिले।
एसआईआर के बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियों से बड़े संख्या में सूची से नाम कटना तय माना जा रहा है। ऐसे में कोई पॉजिटिव वोट तो नहीं छूट रहा। इसके लिए सरकार और संगठन दोनों जुट गए हैं। उधर, एसआईआर के बाद की रणनीति भी तय हो गई। भाजपा घर-घर दस्तक देगी। पॉजिटिव वोट को सूची में शामिल कराने पर फोकस रहेगा।