विषैले रेडिएशन से पक्षियों के जीवन को खतरा
युद्ध के कारण विषैले धुएं और रेडिएशन से प्रभावित वातावरण से प्रवासी पक्षियों की अपने मूल स्थानों पर वापसी जीवन के लिए खतरनाक हो सकती है। युद्ध क्षेत्र के वेटलैंड्स पर बैक माइग्रेशन के बाद पहुंचने वाले पक्षियों के लिए खतरा हो सकता है।
पक्षी विशेषज्ञ डा. केपी सिंह के मुताबिक सेन्ट्रल एशियन फ्लाईवे से 370 प्रजातियों के पक्षी आते हैं जिनमें से 310 प्रजातियां का जीवन वेटलैंड पर निर्भर है। सेंट्रल एशियन फ्लाईवे भारत सहित 30 देशों को कवर करता है। राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुरी प्रोजेक्ट के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पास ऐसा कोई शोध या रिपोर्ट नहीं आई है, जिसमें प्रवासी पक्षियों को नुकसान का अंदेशा जताया गया हो।