फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 70 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका से 30.60 लाख की ठगी...तीन माह तक भटकती रही, तब डीसीपी के आदेश पर दर्ज हुआ केस

Mon, 12 Jan 2026 10:40 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

भरतपुर के एक मंदिर में रहकर भगवान की सेवा करने वाली रिटायर्ड शिक्षिका से पुरोहित ने धोखाधड़ी की। तीन माह तक वो केस दर्ज कराने के लिए भटकती रही। 

 
विज्ञापन
शिक्षिका सांकेतिक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र की 70 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका भरतपुर के एक मंदिर के पुरोहित पर धोखाधड़ी और मारपीट के आरोप में जीरो एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटक रही थी। तीन माह से थाना पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही थी। सोमवार को महिला ने अधिवक्ता के साथ जाकर डीसीपी सिटी से गुहार लगाई। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने थाना छत्ता को प्रार्थनापत्र पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


पीड़ित महिला मधुरानी निवासी बारह भाई गली,बेलनगंज ने बताया कि वह अविवाहित हैं और यमुना ब्रिज क्षेत्र के श्री गांधी आदर्श कन्या विद्यालय से शिक्षिका के पद से रिटायर हुई थीं। इसके बाद वह अपनी बहन के पास भरतपुर के कामा कस्बा के कुटी मोहल्ला में रहने लगीं। वहां पास ही पुरोहित मोहल्ला में ठाकुर जी के मंदिर में पूजा करने जाने लगीं। मंदिर के प्रति लगाव बढ़ने पर वह मंदिर में रहकर ठाकुर जी की सेवा करने लगीं। इस दौरान मंदिर के मुखिया पुरोहित ने मंदिर परिसर में बने घर का एक हिस्सा रहने के लिए दे दिया। बातों में फंसा कर 2019 से 2023 तक कई बार में मकान बनवाने और बेटी की शादी के नाम पर 30.60 लाख रुपये ले लिए। इस बीच भरोसा जीतने के लिए उसने 8.10 लाख रुपये लौटाए।

शादी के कुछ समय बाद पुरोहित की बेटी घर वापस आ गई। इसके बाद पुरोहित,उसकी पत्नी,बेटी और बेटा उन्हें प्रताड़ित कर वहां से जाने का दबाव बनाने लगे। अपने रुपये वापस मांगने पर कमरे में बंद कर मारा और जान से मारने की नियत से गला दबाया। उसकी बेटी उन्हें किन्नर कहकर अपमानित करने लगी। 30 मई 2025 को रुपये मांगने पर आरोपियों ने मारपीट कर गला दबाया और बेहोश होेने पर मृत समझ छोड़कर चले गए। वह जान बचा कर आगरा आईं। इसके बाद वह डर के कारण भरतपुर शिकायत करने नहीं जाने देना चाह रही थी। इसलिए वह प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भटक रही थी।
विज्ञापन


किसी भी थाने में प्राथमिकी के हैं न्यायालय के आदेश
मामले में पीड़िता के अधिवक्ता सोहेल सरीन ने बताया कि न्यायालय के आदेश हैं कि पीड़ित अपनी परेशानी किसी भी थाना क्षेत्र में करवा सकता है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने भी जीरो एफआईआर तत्काल दर्ज करने के निर्देश दिए हुए हैं। जीरो पर दर्ज एफआईआर को पुलिस घटनास्थल के थाना को विवेचना के लिए स्थानांतरित कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें