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फर्जी शस्त्र लाइसेंस: सेवानिवृत्त असलहा बाबू को हाईकोर्ट से राहत, विवेचना पूरी होने तक नहीं होगी गिरफ्तारी

Thu, 19 Jun 2025 12:01 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

सेवानिवृत्त असलहा बाबू संजय कपूर ने मुकदमा खारिज, गिरफ्तारी पर रोक के लिए याचिका दायर की थी। उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को 90 दिन का समय दिया है। 
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हाईकोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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आगरा में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध शस्त्र की एसटीएफ की जांच के बाद दर्ज हुए केस में सेवानिवृत्त असलहा बाबू संजय कपूर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। विवेचना पूरी होने तक इनकी गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। हालांकि विवेचना में सहयोग नहीं करने पर आदेश को वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन किया जा सकता है। वहीं इसी केस के 4 अन्य आरोपियों के मामले में सुनवाई 20 जून को होगी।
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एसटीएफ आगरा यूनिट के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने 24 मई को नाई की मंडी थाने में धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस लिखाया था। इसमें मोहम्मद जैद खान, नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद खान, शोभित चतुर्वेदी, राजेश कुमार बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, शिव कुमार सारस्वत व सेवानिवृत्त एएलसी प्रथम संजय कपूर को नामजद किया था।

इस प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री से हुई थी। उनके निर्देश पर जांच एसटीएफ को मिली थी। करीब 10 माह तक चली जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज हो सकी थी। इंस्पेक्टर ने प्रथम दृष्टया लाइसेंस में कई खामियां पकड़ी थीं। किसी की जन्मतिथि में हेराफेरी की गई थी तो किसी ने गलत शपथपत्र प्रस्तुत किया था।
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आरोपियों में से जिनके पास विदेशी हथियार हैं, उनके पास उनकी कोई खरीद की रसीद नहीं है। वे यह नहीं बता पा रहे हैं कि हथियार कहां से खरीदा था। कितने का खरीदा था। कितने कारतूस इस्तेमाल किए गए। अब इसकी विवेचना इंस्पेक्टर एसटीएफ हुकुम सिंह कर रहे हैं।

इस मामले में सबसे पहले आरोपी शोभित चतुर्वेदी ने केस खारिज कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर थी। उनकी याचिका खारिज हो गई थी। सेवानिवृत्त असलहा बाबू संजय कपूर ने मुकदमा खारिज, गिरफ्तारी पर रोक के लिए याचिका दायर की थी। उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को 90 दिन का समय दिया है। विवेचक को इसी अवधि में जांच पूरी करनी है।

विवेचक ने जारी किए नोटिस
विवेचक हुकुम सिंह ने साक्ष्य संकलन शुरू कर दिया है। आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। उनसे कहा गया है कि वे जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपने ऊपर लगे आरोपों के संबंध में साक्ष्य दें। उनके पास हथियारों की रसीद है तो दिखाएं। इतना ही नहीं जन्मतिथि को लेकर उनके ऊपर जो आरोप हैं उसके संबंध में साक्ष्य दें। जिन पर गलत शपथपत्र देकर लाइसेंस बनवाने का आरोप है वह बताएं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। विवेचक ने जिलाधिकारी कार्यालय से भी पत्राचार किया है। वहां से जांच पूरी करने के लिए कुछ रिकाॅर्ड मांगे गए हैं।
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