आगरा में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध शस्त्र की एसटीएफ की जांच के बाद दर्ज हुए केस में सेवानिवृत्त असलहा बाबू संजय कपूर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। विवेचना पूरी होने तक इनकी गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। हालांकि विवेचना में सहयोग नहीं करने पर आदेश को वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन किया जा सकता है। वहीं इसी केस के 4 अन्य आरोपियों के मामले में सुनवाई 20 जून को होगी।
एसटीएफ आगरा यूनिट के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने 24 मई को नाई की मंडी थाने में धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस लिखाया था। इसमें मोहम्मद जैद खान, नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद खान, शोभित चतुर्वेदी, राजेश कुमार बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, शिव कुमार सारस्वत व सेवानिवृत्त एएलसी प्रथम संजय कपूर को नामजद किया था।
इस प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री से हुई थी। उनके निर्देश पर जांच एसटीएफ को मिली थी। करीब 10 माह तक चली जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज हो सकी थी। इंस्पेक्टर ने प्रथम दृष्टया लाइसेंस में कई खामियां पकड़ी थीं। किसी की जन्मतिथि में हेराफेरी की गई थी तो किसी ने गलत शपथपत्र प्रस्तुत किया था।