मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए राहत की खबर है। एसएन मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन रेटिना यूनिट बनेगी, इसमें मधुमेह-उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों की आंखों की बीमारियों का इलाज होगा। अभी तक निजी अस्पतालों में ही यह सुविधा थी, जिसमें मरीज को मोटी रकम खर्च करनी पड़ती थी।
एसएन प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि नेत्र रोग विभाग में मेडिसिन रेटिना यूनिट का प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस यूनिट के शुरू होने से आंखों की लगभग समस्त बीमारियों का इलाज एसएन में आसानी से हो सकेगा। खासतौर मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी से आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है।
ओपीडी में 10 से 15 रेटिनोपैथी के मरीज
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष और प्रभारी डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि ओपीडी में रेटिनोपैथी के रोजाना 10 से 15 नए मरीज आते हैं। यूनिट खुलने से इन मरीजों का इलाज हो सकेगा। प्रस्ताव भेजा जा चुका है, बजट जल्द मंजूर होने की उम्मीद है।
निजी अस्पतालों में महंगा है इलाज
मेडिसिन रेटिना यूनिट के सहप्रभारी डॉ. अनु जैन ने बताया कि रेटिनोपैथी और आंख के पर्दे से जुड़ी गंभीर बीमारियों का निजी अस्पतालों में महंगा इलाज है, इसके चलते कई बार मरीज नियमित इलाज नहीं ले पाता और आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
यूनिट में इनका होगा इलाज
डायबिटिकी रेटिनोपैथी
हायरपटेंशन रेटिनोपैथी
आंखों की नस की बीमारी
आंखों के पर्दे की बीमारी
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