परीक्षाएं ही नहीं रिजल्ट घोषित करने में भी डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय पिछड़ा हुआ है। 18 कालेजों के 1500 बीपीएड विद्यार्थी साल भर से रिजल्ट के इंतजार में हैं। विश्वविद्यालय अभी तक रिजल्ट आउट नहीं कर सका है। विद्यार्थी कई बार कुलपति, कुलसचिव से भी रिजल्ट घोषित कराने की मांग कर चुके हैं। बीपीएड 2014-15 की परीक्षाएं बीते साल जुलाई में हुई थी। सात महीने गुजरने पर भी रिजल्ट न मिलने पर विद्यार्थियों के करियर पर बन आई है। विद्यार्थी एमपीएड और जॉब में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह का कहना है कि मूल्यांकन पूरा हो चुका है, रिजल्ट इसी महीने में घोषित कर दिया जाएगा।
मूल्यांकन में धांधली तो देरी का कारण नहीं
बीपीएड के मूल्यांकन में धांधली के आरोप लगे थे। मूल्यांकन से एडेड कालेजों के शिक्षकों को दूर रखा गया था। इस पर शिक्षकों ने हंगामा किया, मूल्यांकन केंद्र पर तालाबंदी भी कर दी थी। शिक्षकों की शिकायत पर कुलसचिव ने मूल्यांकन प्रभारी से जवाब तलब भी किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चार सूत्रीय मांगों के लिए सछास का धरना
छात्र समस्याओं का समाधान न होने पर समाजवादी छात्र सभा ने विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। पंडित दीनदयाल ग्रामोद्यान में सिंगल विंडो सिस्टम की मांग की है। जिसमें विद्यार्थियों की शिकायत लेकर यहीं से मार्कशीट देने की व्यवस्था हो। इसमें बीएड 2013 में हुई धांधली की जांच, नकल में पकड़े जाने वाले कालेजों पर कार्रवाई की मांग भी है। धरने में जिलाध्यक्ष आलोक यादव, गगन जादौन, प्रभाकर जादौन, आशीष यादव, पंकज शर्मा, अवध प्रताप आदि रहे।