मेडिकल कॉलेज के क्षय व वक्ष रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि दिवाली पर प्रदूषण बढ़ने से सांस रोगियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, उनकी सांस फूलने लगी है।
आगरा में दिवाली पर पटाखों से हुए प्रदूषण का असर दिखने लगा है। बुधवार को अस्पतालों में सांस रोगियों की संख्या बढ़ी गई। एसएन मेडिकल कॉलेज के क्षय व वक्ष रोग विभाग में मंगलवार की अपेक्षा दोगुने अधिक सांस रोगी पहुंचे। अधिकतर मरीजों को प्रदूषण की वजह सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लंबे समय बाद ऐसा हुआ कि मेडिसिन विभाग के बाद सर्वाधिक मरीज क्षय व वक्ष रोग विभाग में पहुंचे। ओपीडी में कुल 1044 मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया। मेडिसिन विभाग में सर्वाधिक 185 मरीजों ने दिखाया। इसके बाद 125 मरीजों ने क्षय व वक्ष रोग विभाग में परामर्श प्राप्त किया। पुराने सांस रोगियों के साथ नए मरीज भी सामने आए। 86 पुराने और 39 नए मरीजों ने दिखाया। मंगलवार को क्षय व वक्ष रोग विभाग में 67 मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया था, इसमें 14 नए और 53 पुराने मरीज थे।
मेडिकल कॉलेज के क्षय व वक्ष रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि दिवाली पर प्रदूषण बढ़ने से सांस रोगियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, उनकी सांस फूलने लगी है। नए मरीजों में करीब 10 फीसदी अस्थमा से पीड़ित मिले। उन्होंने बताया कि मरीजों की स्थिति और मौसम को देखते हुए सांस और अस्थमा के रोगियों की दवाओं की खुराक बढ़ा दी गई है। मरीजों को अधिकतम खुराक दी जा रही है।
विज्ञापन
35 मरीजों को इन्हेलर दिया गया
क्षय व वक्ष रोग विभाग में मरीजों की दशा को देखते हुए इन्हेलर दिए गए। डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि करीब 35 मरीजों को इन्हेलर उपलब्ध कराया गया। मरीजों को सलाह दी गई कि वह बिना मास्क लगाए बाहर न निकलें। सुबह शाम जरूरी काम न हो तो बाहर निकलने से बचें। चिकित्सक के परामर्श के अनुरूप अपनी दवाएं लेते रहें। दवा लेने में ढिलाई बरतना मरीजों को भारी पड़ सकता है। समस्या बढ़ने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर तत्काल उपचार शुरू करें। दिवाली के दिन इमरजेंसी में भर्ती चार सांस रोगी अभी भी वेंटिलेटर पर हैं।