बहाना तो आरक्षण को लेकर तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देना था। जबकि असल मकसद तो राजनीतिक संदेश के साथ ही अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना था। जरार से बाह तक आगरा-बाह स्टेट हाईवे पर उमडे़ लाल टोपी के सैलाब ने राजनीतिक गलियारों में उथल पुथल मचा दी। लगभग दो घंटे हाईवे जाम रहा। इतनी ही देर तक चिलचिलाती धूप और पसीने से तरबतर लोग तहसील में धरने पर जमे रहे।
आरक्षण के पांच फीसदी कोटे और गोरखपुर में प्रदर्शन के दौरान मारे गए अखिलेश के परिवार को आर्थिक सहायता की मांग को लेकर बीते सप्ताह भर से गांवों में हो रही निषाद समाज की पंचायतों का प्रभाव मंगलवार को स्टेट हाईवे पर साफ दिखा। पूर्वाह्न 11 बजे जरार में ट्रैक्टर ट्रालियों में बैठकर आये समाज के लोग इकट्ठे हुए। यहां से लाल टोपी लगाकर हाईवे पर निकल पड़े। जरार से बाह तक हाईवे पर निषाद समाज के सैलाब से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लगभग दो घंटे बाद सैलाब तहसील मुख्यालय पर धरने में बदल गया। चिलचिलाती धूप और पसीने से तरबतर लोग धरने पर जम गए। मुकुटपुरा से पहुंचे एसडीएम को सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में दो ज्ञापन दिए गए। पहला ज्ञापन राज्यपाल के नाम, जिसमें अखिलेश को शहीद का दर्जा और परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद के अलावा पांच फीसदी आरक्षण की मांग शामिल थी। दूसरा ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम, जिसमें निषाद बाहुल्य लोहिया गांवों में विकास कार्य कराने, मुआवजे का वितरण कराने, प्राइमरी स्कूलों का नियमित संचालन कराने की मांग शामिल थी। प्रदर्शन के दौरान अतर सिंह नरवरिया, अशोक वर्मा, रामसेवक मल्ल, ख्यालीराम वर्मा, समरथ सिंह राजपूत, महेश वर्मा, रामवीर वर्मा, हाकिम सिंह, अजय वर्मा, विजय सिंह वर्मा, रामजीलाल कौशल आदि ने विचार व्यक्त किए।
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यूथ ब्रिगेड ने लगाया जाम
धरने के दौरान एसडीएम के देरी से आने पर भड़की निषाद समाज की यूथ ब्रिगेड ने बाह चौराहे पर सड़क जाम कर दी। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। एसडीएम के आने के बाद ही हंगामा कर रही यूथ ब्रिगेड सड़क से हटी और यातायात बहाल हो सका।