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70 फीट गहरे कुएं में जिंदगी की जंग: तीन घंटे चला रेस्क्यू, इस तरह बचा लिए गए दो पिल्ले; दो की हो गई मौत

Sat, 07 Mar 2026 09:17 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र में 70 फीट गहरे सूखे कुएं में गिरे चार पिल्लों को बचाने के लिए तीन घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। पुलिस, दमकल और पशु प्रेमियों की मदद से दो पिल्लों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दो की पहले ही मौत हो चुकी थी।
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पिल्लों के बचानने के लिए तीन घंटे चला रेस्क्यू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र में एक प्लाट में बने 70 फीट गहरे सूखे कुएं में गिरे चार पिल्लों को बचाने के लिए शुक्रवार को रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया। कैस्पर्स होम और ध्वजा फाउंडेशन की सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकलकर्मियों ने 3 घंटे बाद रस्सी के सहारे चारों को बाहर निकाला। मगर इनमें से दो की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी जबकि दो बिल्कुल सुरक्षित मिले। पशु प्रेमियों के प्रयास को क्षेत्रीय लोगों ने काफी सराहा। कुएं को बल्लियों की मदद से ढक दिया गया है।
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कैस्पर्स होम की संचालिका विनीता अरोरा ने बताया कि तीन दिन पहले एत्माद्पुर क्षेत्र के एक चाैकीदार ने सूचना दी थी कि एक कुएं में चार पिल्ले गिर गए हैं। उनकी आवाज आ रही है। वह उसे खाना दे रहे हैं। मगर बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं। जिस जगह पर पिल्ले गिरे थे, उस जगह की सही लोकेशन चाैकीदार नहीं बता पा रहे थे। इस पर उन्होंने टीम के सदस्यों को भेजा। पहले टीम टूंडला क्षेत्र में पहुंच गई। बृहस्पतिवार को पता चला कि यह इलाका बरहन थाना क्षेत्र में एफएच मेडिकल कालेज के पास आता है। इस पर टीम वहां पहुंची। खाली प्लाट में बने पुराने सूखे कुएं में पिल्ले गिरे हुए थे।

मगर पिल्लों को निकालने के लिए संसाधन नहीं मिल सके। इस पर पुलिस को सूचना दी गई। मगर दमकल नहीं आ सकी। शुक्रवार दोपहर 12 बजे वह भी टीम के साथ पहुंच गई। इस दाैरान टूंडला की 'ध्वजा फाउंडेशन' से समन्वय किया गया। 112 पर काल करके दमकलकर्मियों को बुलाया गया। मगर उनके पास भी संसाधन नहीं थे जिससे कुएं में उतरा जा सके। आक्सीजन सिलिंडर और रस्सी भी नहीं थी। इस पर संस्था ने रस्सी का इंतजाम कराया। जो कर्मचारी आए थे, वह प्रशिक्षित नहीं थे। इस कारण कुएं में नहीं उतर पा रहे थे।

 
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तीन घंटे इंतजार के बाद प्रशिक्षित कर्मचारी को बुलाया गया। वह रस्सी के सहारे कुएं में उतरे। इसके बाद एक रस्सी में बोरा बांधकर चारों पिल्लों को बाहर निकाला गया। इनमें से दो की जान चली गई थी। दो बच गए। बाद में कुएं को बल्ली लगाकर ढक दिया गया जिससे कोई और पशु हादसे का शिकार नहीं हो। वहीं पिल्लों को उनकी मां और तीन और पिल्लों के पास ही छोड़ दिया गया।


 
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