ताजनगरी के जनप्रतिनिधि आईटी पार्क, खंडपीठ, बैराज, एयरपोर्ट तो दिला नहीं पाए, अब फिल्म सिटी भी हाथ से निकल गई। फिल्म शूटिंग की शानदार लोकेशन यहां हैं, जबकि फिल्म सिटी नोएडा के पास जेवर में बनेगी। इससे पहले थीम पार्क के लिए जमीन अधिगृहीत हो जाने पर भी यह नहीं बन पाया था। यह हाल तब है जबकि नौ के नौ विधायक और दोनों सांसद सत्ताधारी दल से हैं। मौजूदा ही नहीं, इनसे पहले रहे सांसद-विधायक भी कोई सौगात नहीं दिला पाए थे। खंडपीठ और बैराज की मांग तो दशकों से उठ रही है।
1. खंडपीठ : 1985 में रिपोर्ट, बना अब तक नहीं
जसवंत सिंह आयोग ने 1985 में रिपोर्ट दी कि उच्च न्यायालय की खंडपीठ आगरा में बननी चाहिए। इससे पहले से ही आगरा के अधिवक्ता इसके लिए आंदोलन कर रहे हैं। सांसद और विधायक इसके समर्थन में है लेकिन खंडपीठ नहीं मिल पाई है।
2. बैराज : सीएम ने मुआयना किया, बजट जारी नहीं
25 साल से मांग उठ रही है। पिछली अखिलेश सरकार में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनी। मौजूदा सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ खुद नगला पैमा में वह जगह देखकर आए जहां बैराज बनना है लेकिन बजट जारी नहीं हुआ।
3. एयरपोर्ट : चारदीवारी तक पूरी नहीं बन पाई
2013 में नरेंद्र मोदी (तब गुजरात के सीएम थे) ने कोठी मीना बाजार रैली में कहा था कि आगरा में एयरपोर्ट होना चाहिए। बाद में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सात करोड़ रुपये जारी भी किए लेकिन प्रोजेक्ट अधूरा है। इसकी चहारदीवारी तक पूरी नहीं हुई है।
4. थीम पार्क : जमीन है पर काम नहीं हुआ
पिछली अखिलेश सरकार ने थीम पार्क के लिए जमीन का अधिग्रहण किया लेकिन यह बना नहीं। मौजूदा सरकार ने थीम पार्क प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाया। इसकी जगह कोई नया प्रोजेक्ट भी इसकी जमीन पर नहीं लग पाया है।
5. आईटी पार्क : 22 साल से इंतजार
1998 में इसकी घोषणा की गई। बताया गया कि यह शास्त्रीपुरम में बनेगा। 22 साल हो गए लेकिन बात आगे बढ़ नहीं पाई। इस बीच बसपा, सपा की सरकार आई और चली गई। मौजूदा सरकार में भी आईटी पार्क का सपना अधूरा ही है।
सपने दिखाए, पूरे नहीं किए
समाजसेवी वत्सला प्रभाकर ने कहा कि हमारे सांसद और विधायकों ने हमें बैराज, बेंच, एयरपोर्ट के सपने दिखाए, घोषणा कीं, लेकिन इन्हें पूरा नहीं कर पाए।
इच्छाशक्ति हो तो खंडपीठ मिल जाए
एडवोकेट चौधरी अजय सिंह ने कहा कि अगर सांसद, विधायक और मंत्रियों में इच्छाशक्ति हो तो खंडपीठ मिल जाए। यह आगरा का हक है। सभी जनप्रतिनिधि कहने के लिए समर्थन में है लेकिन हमारा हक हमें दिला नहीं पा रहे।
कभी गंभीरता से नहीं लिया
समाजसेवी शीला बहल ने कहा कि सिर्फ मौजूदा सांसद और विधायकों की बात नहीं, इनसे पहले जो रहे, उन्होंने भी ऐसे ही किया। कोई काम हो जाए तो श्रेय ले लेते हैं, न हो तो टीटीजेड का बहाना बना देते हैं।
टीटीजेड के कारण बाधा : बघेल
आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल ने कहा कि आगरा फिल्म सिटी के लिए अब भी प्रयासरत हैं। एयरपोर्ट के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सात करोड़ जारी किए। अगर कोरोना न आता तो कई और फ्लाइट आगरा को मिल गईं होती। बैराज के लिए सीएम स्वयं मौके पर गए। अन्य प्रोजेक्ट पूरे न हो पाने की वजह टीटीजेड की बंदिशें हैं। इन्हें दूर कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
फिल्म सिटी की उम्मीद नहीं छोड़ी : चाहर
फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने काह कि फिल्म सिटी का दायरा बढ़ाकर आगरा तक किए जाने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात करूंगा। यह आगरा का हक है। अन्य प्रोजेक्ट में देरी टीटीजेड के कारण हुई है। इसके लिए सांसद बघेल और मैं कोशिश कर रहे हैं। पैरवी करके बंदिशों को दूर कराने का प्रयास है।
बंदिशें न होती तो काम हो गए होते : चौ. उदयभान
राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट, बैराज, खंडपीठ, फिल्म सिटी आगरा में बनने चाहिए। ये लोगों की जरूरत हैं। मैंने और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इनके लिए प्रयास भी किया है और सरकार चाहती भी है लेकिन ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) के कारण देरी हो रही है।
देरी हुई है लेकिन काम पूरे होंगे - पुरुषोत्तम खंडेलवाल
उत्तर सीट से विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि एयरपोर्ट, बैराज, खंडपीठ के मुद्दे पिछली सरकारों से चले आ रहे हैं। हमारी सरकार ने इनके लिए काम किया है। सिविल एन्क्लेव बन रहा है। बैराज भी बनेगा। खंडपीठ के भी हम समर्थन में है। देरी हुई है लेकिन सभी योजनाएं पूरी होंगे।