मैनपुरी। मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने अधिकारियों केे साथ बैठक की। डीएम ने कहा 10 साल में अवैध मदिरा के निष्कर्षण, परिवहन, व्यापार में शामिल रहे अभियुक्तों का रिकॉर्ड निकाला जाए। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच में बच गए अभियुक्तों की सघन जांच की जाए।
डीएम ने कहा सक्रिय, असक्रिय माफियाओं के प्रकरणों को केस-टू-केस आधार पर परीक्षण करें। थानों और आबकारी विभाग में दर्ज मामलों की जांच करें। नकली शराब की बिक्री न हो। शराब माफियाओं पर गैंगस्टर की कार्रवाई हो। ठेकों की नियमित रूप से जांच हो। निरीक्षण के समय स्टॉक रजिस्टर का सत्यापन गहनता से हो। आबकारी स्कैनर सभी एसडीएम और सीओ के पास रहे। मिथाइल एल्कोहल के उत्पादन, भंडारण एवं बिक्री पर नजर रखें।
एसपी अजय कुमार राय ने कहा यदि किसी दुकान पर अवैध शराब का प्रचलन पाया गया तो दुकान का मालिक भी बराबर का दोषी होगा। अनुज्ञापियों तथा दुकान पर कार्य करने वाले लोगों का सत्यापन कराएं। सभी ठेकों पर सीसीटीवी कैमरे हों। सीसीटीवी कैमरे न मिलें तो लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
बैठक में सीएमओ एके पांडेय, एडीएम बी.राम, एएसपी मधुबन कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन डीके मिश्रा, एसडीएम ऋषिराज, रतन वर्मा, राम सकल मौर्य, विजय पाल सिंह, जिला आबकारी अधिकारी प्रमोद कुमार मौजूद रहे।