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कोरोना से जंग न सरकारी अस्पताल में रेमडेसिविर और ना ही शहर के बाजार में

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कासगंज। कोरोना से जंग लड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य महकमे के पास बेहतर संसाधन नहीं हैं। जहां एक ओर जिले में कोई फिजीशियन नहीं हैं। वहीं अभी तक रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिला है। वहीं बाजार में भी इस इंजेक्शन की कोई उपलब्धता नहीं है। इस बीच कोरोना के इलाज में चिकित्सकों द्वारा प्रयोग किया जा रहा एक और इंजेक्शन टोसीलीजुमैब भी नहीं मिल पा रहा। जरूरतमंद लोगों के द्वारा सोशल मीडिया पर इंजेक्शन के जरूरत की पोस्ट वायरल की जा रही हैं।
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जिला चिकित्सालय में कोरोना मरीजों की सामान्य चिकित्सा ही हो पा रही है। कोई भी गंभीर मरीज जिला चिकित्सालय में भर्ती नहीं है। क्योंकि जिला अस्पताल में एक भी रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं है। जिला चिकित्सालय ने इंजेक्शन की मांग एक सप्ताह पूर्व भेजी है, लेकिन अभी तक कोई आपूर्ति जिला अस्पताल को नहीं मिल पाई है।
दवा कारोबारी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के ऑर्डर लगे हुए हैं लेकिन आपूर्ति नहीं हो पा रही। बाजारों में यकायक एंटीबायोटिक सहित अन्य दवाओं की मांग बढ़ गई है और यह मांग दूनी हो चुकी है। ब्लड प्रेशर, शुगर और प्रतिदिन की जरूरत वाली दवाओं की खपत भी काफी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पूर्व में एंटी बायोटिक दवाओं की कीमतों में कंपनियों ने 5 से 10 फीसदी वृद्धि की है। बाजार में अन्य दवाओं की कोई कमी नहीं है।
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वर्जन-
- रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग की गई थी। उसकी स्वीकृति उच्चाधिकारियों द्वारा की गई है। जल्द ही रेमडेसिविर इंजेक्शन जिले को मिलेेंगे। - डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ।
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