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UP: जतिन से बना जाशिम, बताई धर्मांतरण गैंग की वो घिनौनी हकीकत, जिसे सुनकर खड़े हो जाएंगे आपके रोंगटे

Tue, 05 May 2026 11:41 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में धर्मांतरण गैंग को लेकर पूछताछ में खुलासा हुआ है कि युवाओं को पहले ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन कराया जाता था और फिर उन्हें दूसरों को जोड़ने का टास्क दिया जाता था। पुलिस रिमांड में आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर साइबर टीम आगे की जांच कर रही है।
 
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आगरा धर्मांतरण कांड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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धर्मांतरण गैंग पहले युवाओं का ब्रेनवाॅश कर उनका धर्म बदलवाता था। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण देकर दूसरों के ब्रेनवॉश का टास्क देता था। जो टास्क पूरा कर लेता था, इस्लामिक साहित्य में उसका नाम और नंबर छापा जाता था। धर्म बदलकर गैंग में शामिल हुए जाशिम उर्फ जतिन ने पुलिस को गैंग की कार्यशैली के बारे में यह अहम जानकारी रिमांड पर पूछताछ के दौरान दी।
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सदर निवासी सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में विवेचना के दौरान पुलिस ने गैंग के चार सदस्य दिल्ली निवासी परवेज अख्तर, जाशिम उर्फ जतिन कपूर, तलमीज उर रहमान और राजस्थान के डींग निवासी मौलाना हसन को गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने रविवार को उनकी तीन दिन की रिमांड मंजूर की थी। साइबर थाने की दो टीम आरोपियों को लेकर दिल्ली और राजस्थान गई है।

पूछताछ के दौरान जाशिम उर्फ जतिन कपूर को पुलिस ने मनोवैज्ञानिक ढंग से समझाया। उसने पुलिस के आगे गैंग की कार्यशैली खोली। बताया कि उसके धर्म में कमियां निकालकर उसे मुस्लिम धर्म की खूबियां गिनाई गई थीं। धर्म बदलने के बाद उसने दूसरों को भी धर्म बदलने के लिए प्रेरित करने का प्रशिक्षण लिया। पूरा करने के बाद उसे टास्क दिया गया।

वह एमबीए पास है और वेबसाइट डिजाइनिंग करता था। उसे सोशल मीडिया की अच्छी जानकारी थी। उसने कई आईडी बनाकर इंस्टाग्राम, फेसबुक पर अच्छी संख्या में युवाओं से संपर्क बनाया। गेमिंग एप पर भी वह सक्रिय हुआ। कई युवा लड़के-लड़कियों को उसने बातों में फंसाकर धर्म बदलवाया।

बदले में गैंग से उसे आर्थिक मदद मिलती थी। इस्लामिक साहित्य की किताबों में उसका नाम छपता था। किताबों में नाम देखकर लोग उससे बात करते थे, वह उन्हें प्रेरित करता था। जिसने जितने ज्यादा लोगों का धर्मांतरण करवाया, गैंग में उसका ओहदा उतना ही बढ़ता जाता था।
 
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विवेचना में शामिल होंगे साक्ष्य
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि रिमांड पर आरोपियों से काफी जानकारी मिली है। पूछताछ जारी है। जो भी साक्ष्य मिल रहे हैं, उन्हें विवेचना में शामिल किया जा रहा है।
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