आगरा के सदर क्षेत्र की दो सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में अदालत में दो पीड़िताओं से आरोपियों के अधिवक्ता ने जिरह की। पुलिस ने मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है और अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।
आगरा के सदर की दो सगी बहनों के धर्म परिवर्तन के मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे-14 ज्योत्सना सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। आरोपियों के अधिवक्ता ने उत्तराखंड और हरियाणा की दो पीड़िताओं से जिरह की। अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी। इस मामले में पुलिस ने 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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सदर क्षेत्र की दो सगी बहनें 24 मार्च को घर से लापता हो गई थीं। 18 जुलाई को पुलिस ने दोनों को कोलकाता के तपसिया इलाके से तलाश किया था। मामले में पुलिस ने 10 आरोपी पकड़े थे, जिनसे पूछताछ के बाद 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें दिल्ली का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह भी था। वह अवैध धर्मांतरण के मामले में जेल में बंद मौलाना कलीम सिद्दीकी के लिए काम कर रहा था।
अदालत में इस मामले में 22 जून, 2026 को दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान, उसके बेटे अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला, गोवा की रहने वाली आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, शाहगंज के सराय ख्वाजा का रहमान कुरैशी, मुजफ्फर नगर का अबू तालिब, जयपुर का मोहम्मद अली उर्फ पीयूष पवार, हसन अली उर्फ शेखर राय, ओसामा खान, अब्दुल रहमान, मनोज कनौजिया, जुनैद कुरैशी, रित बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम सहित 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।