एमपी-एमएलए कोर्ट ने छात्रों को ‘गटर जेनरेशन’ कहने के आरोप में भाजपा सांसद कंगना रणौत के खिलाफ दायर वाद खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वर्णित घटना से वादी न तो पीड़ित है और न व्यथित; वादी अधिवक्ता अब रिवीजन दाखिल करेंगे।
भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत पर दायर वाद को एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को खारिज करने के आदेश दिए। लिखा कि जो घटना वर्णित की गई है, उससे न तो वादी पीड़ित है और न व्यथित है।
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भाजपा सांसद पर छात्रों को गटर जेनरेशन कहने और अभिभावकों का अपमान करने का आरोप लगाया गया। राजीव गांधी बार के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने परिवाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि नीट और अन्य परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से करोड़ों छात्र आहत हुए हैं।
कई छात्रों ने तनाव में आकर आत्महत्या भी कर ली। इन घटनाओं के विरोध में हजारों छात्रों ने दिल्ली जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। सांसद कंगना रणौत ने 27 जुलाई, 2026 को सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की।