गर्भवती महिला द्वारा खाली पेट का कैप्सूल खाते ही हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां उसकी मौत हो गई। प्रसूता की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
आगरा के देवरी रोड स्थित श्रीगंगा हॉस्पिटल में गर्भवती की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों को समझाने के बाद शांत कराया गया।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. जितेंद्र लवानियां को भेजा था। जांच में पाया गया कि नगला कली कोलक्खा निवासी अजय सिंह की पत्नी पूजा देवी (27) गर्भवती थीं। इलाज देवरी रोड स्थित श्रीगंगा हॉस्पिटल में डॉ. शालिनी अस्थाना से चल रहा था। संचालक विनोद कुमार है।
परिजनों का आरोप है कि खाली पेट का कैप्सूल देने के बाद तबीयत बिगड़ी तो सुबह अस्पताल लेकर गए। स्टाफ ने कहा कि डॉक्टर नहीं है, कहीं और लेकर चले जाओ। इस पर मधु नगर स्थित अस्पताल लेकर गए, वहां भी भर्ती करने से मना कर दिया। इस पर परिजन आनन फानन एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर गए, जहां मृत घोषित कर दिया गया।
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इसके बाद परिजन शव लेकर फिर अस्पताल पहुंचे और धरना देकर हंगामा किया। तोड़फोड़ भी कर दी। जांच में पाया गया कि डॉ. शालिनी अस्थाना और अन्य कोई डॉक्टर नहीं था। यहां सात मरीज भर्ती थे, उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करा दिया। पुलिस पहुंची। परिजन को शांत कराते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया है। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है। थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि चिकित्सक, संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ इलाज में लापरवाही और गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। विवेचना की जा रही है।