तीन साल से आनाजाना था घर में
पुलिस की पूछताछ में रोहित ने बताया कि वह प्रेमचंद्र के साढ़ू का रिश्तेदार है। प्रेमचंद्र के घर में तीन साल से आना जाना था। वह उनके घर के काम भी करता था। कभी कभार गाड़ी भी चला लेता था। उसे पता था कि प्रेमचंद्र के घर में सोने के जेवरात और नकदी रखी है। इस पर उसने प्रेमचंद्र की तिजोरी की एक चाबी चोरी कर ली। सात अगस्त को उनके बाहर जाने पर घर आया। बेटी के काम में व्यस्त होने पर तिजोरी में रखे सोने के सात ब्रेड और दो लाख रुपये चोरी करके ले गया। शक न हो, उसके लिए प्रेमचंद्र के घर आने पर भी आता रहा। उन्होंने अगस्त के अंतिम सप्ताह में तिजोरी देखी। तब उन्हें चोरी का पता चला।
इटावा में ब्रोकर के माध्यम से बेची सोने की दो ब्रेड
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने इटावा में एक ब्रोकर के माध्यम से सोने की दो ब्रेेड बेची थी। इनका वजन तकरीबन 1.5 किलोग्राम था। उसे 60 लाख रुपये मिले थे। उसने दस लाख रुपये अपने खाते में जमा करा दिए। पांच लाख रुपये रिश्तेदार की बेटी के खाते मेें जमा कराए। इसके बाद अपना कर्जा भी चुकाया। उसके पास 24 लाख रुपये और सोने की पांच ब्रेड (वजन तकरीबन 3.962 किग्रा) बची थी। उससे यह रकम और ब्रेड बरामद कर लिए गए। वह इन्हें छिपाने ननिहाल इटावा जा रहा था। उससे चाबी भी मिली।
मुकदमे में नहीं दर्शाया सोने का वजन
पुलिस ने बताया कि प्रेमचंद्र ने मुकदमा दर्ज कराते समय सोने की ब्रेड का वजन और संख्या नहीं खोली थी। दो लाख रुपये चोरी होना ही बताया था। शुरूआत में पुलिस इसे सामान्य चोरी मान रही थी। उन्होंने पूछताछ के बाद ब्रेड की संख्या खोली। इस पर स्पेशल टीम को खुलासे के लिए लगाया गया। पुलिस ने काफी खोजबीन के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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