आगरा सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री दफ्तर में सोमवार को 17वें दिन भी ताले लटके रहे। निबंधन मित्र भर्ती के विरोध में अधिवक्ता, कातिब और स्टांप वेंडर्स की हड़ताल सभा और विरोध प्रदर्शन जारी रहा। हड़ताल से बैनामा, वसीयत से लेकर शपथपत्र तक नहीं बन रहे। राजस्व वादों की सुनवाई ठप है।
निबंधन भवन में पांच रजिस्ट्री दफ्तर हैं। जिनमें फ्रंट आफिस कार्य निजी एजेंसी को सौंपा जाएगा। निबंधन मित्रों की भर्ती होगी। इसे लेकर अधिवक्ता आंदोलित हैं। उनका कहना है कि तहसील में काम करने वाले पेशेवर बेरोजगार हो जाएंगे। वहीं, हड़ताल से 17 दिन में निबंधन विभाग का करीब 100 करोड़ रुपये राजस्व प्रभावित हो चुका है। मौके पर तहसील बार पूर्व अध्यक्ष लाल बहादुर राजपूत, श्रीकृष्ण दीक्षित, विमल तिवारी, बृजेश शर्मा, दस्तावेज लेखक संघ अध्यक्ष राम उपाध्याय, आशू यादव, मुकेश गुप्ता, विष्णु गौड़, श्याम सुंदर शर्मा, निशांत चतुर्वेदी, देवी सिंह लोधी, सुरेश कंसल, नरेश चंद तिवारी आदि रहे।
आज थाली, चम्मच बजाएंगे वकील
अधिवक्ताओं की हड़ताल सभा में सोमवार को आजाद समाज पार्टी, भारतीय किसान यूनियन ने पहुंचकर समर्थन दिया। तहसील बार एसोसिएशन महासचिव अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि मंगलवार को भी तहसील में काम नहीं होगा। थाली, चम्मच बजाकर विरोध-प्रदर्शन किया। 21 मई को मंडलभर की तहसीलों का सदर में अधिवेशन होगा। जहां आंदोलन की आगामी रणनीति तय होगी।