आगरा। बैनामा कराने पर अब 20 हजार रुपये से अधिक निबंधन शुल्क नकद नहीं जमा होगा। सोमवार से सभी 10 उप निबंधक कार्यालयों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन महानिरीक्षक नेहा शर्मा ने बृहस्पतिवार को निबंधन शुल्क जमा करने में ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं।
बैनामा पर स्टांप शुल्क के अलावा निबंधन शुल्क लगता है। निबंधन शुल्क बैनामा मूल्य का एक प्रतिशत होता है। स्टांप शुल्क का आकलन सर्किल रेट और संपत्ति के प्रकार पर निर्भर करता है। सहायक महानिरीक्षक स्टांप योगेश कुमार ने बताया कि पहले यह व्यवस्था प्रदेश के कुछ जिलों में लागू थी। 12 जनवरी से इसे सभी उप निबंधक कार्यालयों में लागू किया जाएगा। 20 हजार से अधिक निबंधन शुल्क का भुगतान अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिक के लिए बढ़ेगी मुश्किल
बैनामे के लिए बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, ग्रामीण क्षेत्र के लोग निबंधन कार्यालय आते हैं। तहसील बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद दुबे का कहना है कि बुजुर्ग और पुरानी पीढ़ी के लोग ऑनलाइन बैकिंग नहीं जानते। बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड आदि नहीं होने से कार्य प्रभावित हो सकता है। नकद और ऑनलाइन दोनों विकल्प खुले रखने चाहिए।
नकद लेनदेन वाले बैनामा भी प्रभावित
नकद लेनदेन वाले बैनामों पर आयकर की जांच चल रही है। किरावली, उप निबंधक द्वितीय और पंचम कार्यालय में आयकर सर्वे के बाद अब नकद लेनदेन वाले बैनामा नहीं हो पा रहे हैं। फॉर्म-60 भरने की औपचारिकता से अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। जमीन, मकान, दुकान व अन्य संपत्तियों की अधिकांश खरीद में पक्षकार नकद भुगतान पर अधिक विश्वास करते हैं। 30 लाख रुपये मूल्य के बिना पैन नंबर वाले बैनामों की जांच चल रही है। पक्षकारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसका असर नकद लेनदेन वाले बैनामों पर पड़ रहा है।