मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग में संविदाकर्मी के पद पर तैनात युवती की शादी तय हो गई। जब युवक शिक्षक बन गया तो 10 लाख रुपये की मांग करने लगा, मांग पूरी न होने पर शादी से इंकार कर दिया। न्यायालय के आदेश पर पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया है।
शहर के मोहल्ला राजीव गांधी नगर निवासी सुरेंद्र कुमार की पुत्री ओमलता स्वास्थ्य विभाग में संविदाकर्मी के पद पर तैनात हैं। पिता ने उनकी शादी मई 2021 को थाना घिरोर क्षेत्र के नगला रामसिंह निवासी पुष्पेंद्र के साथ तय कर दी थी। चार मई को गोद भराई और एक अक्तूबर को सगाई भी हो गई। इस बीच नवंबर 2021 में लॉकडाउन के चलते पुष्पेंद्र के परिजन सादगी के साथ शादी करने पर राजी हो गए, जिसके बाद पीली चिट्ठी भेजी गई थी।
इस बीच पुष्पेंद्र की शिक्षक के पद पर नौकरी लग गई तो ससुरालीजन 10 लाख रुपये दहेज की मांग करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होते देख पुष्पेंद्र व परिजन ने शादी करने से मना कर दिया। मामले में पंचायत भी हुई लेकिन बेनतीजा रही, जिसके बाद कोतवाली में शिकायत दी गई लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मामले में न्यायालय ने पुष्पेंद्र, दीवान, मनोज, मनोज की पत्नी, अरविंद, अरविंद की पत्नी व दो अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। इंस्पेक्टर कोतवाली अरविंद कुमार ने बताया की मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।