इसलिए है खास
-लाल चंदन दुर्लभ है। मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के जंगलों में पाया जाता है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद कीमती है।
- तिरुपति बालाजी की मूर्तियों के लिए इस लकड़ी को अत्यंत शुभ माना जाता है।
-एक 400 ग्राम की मूर्ति को तराशने में कलाकार को करीब एक महीना लगता है। आंखों और हाथों का सूक्ष्म तालमेल बैठाना पड़ता है।
-ताज महोत्सव में यह स्टॉल दक्षिण भारतीय कला का एक जीवित संग्रहालय बन गई है।