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यहां विदेशी लड़कियों से कराते जबरन हैं जिस्मफरोशी, पुलिस रेड से पहले कर देते हैं ऐसे गायब

Fri, 18 May 2018 09:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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रेड लाइट एरिया - फोटो : अमर उजाला
आगरा के प्रमुख बाजार में से एक कश्मीरी बाजार की खास गली में देह व्यापार बदस्तूर जारी है। यह बात कई बार लड़कियों के पकड़े जाने के बाद भी पुलिस की भी कोई रोक नहीं है। ऐसा नहीं है कि पुलिस को जानकारी नहीं वह जानते हुए भी अंजान है। दिल्ली की संस्था रेस्क्यू फाउंडेशन अपने स्तर से देह व्यापार का पता करके अधिकारियों को सूचित कर चुकी है। कई लड़कियों को मुक्त कराया जा चुका है।

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रेड लाइट एरिया - फोटो : अमर उजाला
यहां पुलिस की छापेमारी से बचने के लिए कोठा संचालकों ने नया तरीका निकाला है। कोठों के गेट पर बाहर से ताला लटका रहता है।अंदर लड़कियां रहती हैं। पुलिस आ भी जाए तो बाहर से लौट जाती है। अगर, ताला तोड़कर अंदर जाने का प्रयास किया जाता है तो उसमें काफी देर तक हो जाती है। इस वजह से लड़कियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाता है। कोठों के अंदर तहखाने बने हुए है, जिनमें लड़कियों को छिपा दिया जाता है।

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रेड लाइट एरिया - फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र में दलाल सक्रिय रहते हैं, जोकि ग्राहकों को लाने के साथ ही संचालकों के मुखबिर की तरह भी काम करते है। पुलिस के छापे की खबर पहले से ही संचालिका तक पहुंचा दी जाती है। जब तक पुलिस पहुंचती है तब तक कोठा खाली हो चुका होता है। दिल्ली की संस्था रेस्क्यू फाउंडेशन कश्मीरी बाजार के कोठों पर लड़कियों के कैद होने की शिकायत पर कई बार छापेमारी करा चुकी है। 

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रेड लाइट एरिया - फोटो : अमर उजाला
संस्था के पदाधिकारी पहले सूचना की पुष्टि करते हैं, फिर पुलिस को सूचना देकर छापेमारी कराते हैं। छापे के दौरान नाबालिग लड़कियां तक पकड़ी जा चुकी हैं। कश्मीरी बाजार के कोठों पर पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र के साथ ही नेपाल तक से लड़कियों को लाकर बेचा जा रहा है। संस्था से मिली जानकारी के मुताबिक, नेपाल में सक्रिय दलाल लड़कियों को कभी शादी का झांसा तो कभी अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर भारत लाते हैं। 
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रेड लाइट एरिया - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली आने के बाद उनका सौदा कर दिया जाता है। दलाल कोठों पर उन्हें बेचकर चले जाते हैं। उन्हें कोठों पर कैद कर जबरन देह व्यापार कराया जाता है। जिले में मानव तस्करी निरोधक शाखा भी है। इसमें प्रभारी से लेकर महिला पुलिसकर्मी भी तैनात हैं। मगर, मानव तस्करी शाखा ने मानव तस्करी का कोई मामला नहीं पकड़ा। जब कभी छापेमारी की जाती है तो शाखा के कर्मचारियों को साथ लिया जाता है। शाखा की ओर से कोई अभियान नहीं चलाया जाता है।
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