आगरा में परिवार न्यायालय ने पत्नी और बच्चों के लिए भरण पोषण की रकम अदा न करने पर पूर्व मंत्री चौधरी बशीर के खिलाफ रिकवरी वारंट जारी करने के आदेश दे दिए। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर, 2026 को होगी।
सदर थाना क्षेत्र की निवासी नगमा चौधरी का ढोलीखार मंटोला निवासी पति पूर्व मंत्री चौधरी बशीर से झगड़ा चल रहा है। वह अपने दोनों पुत्रों के साथ मायके में रह रही हैं। 23 सितंबर, 2019 को उन्होंने अपने और दोनों पुत्रों के भरण-पोषण के लिए अदालत में मुकदमा दायर किया था। 13 फरवरी, 2023 को अदालत ने भरण पोषण की रकम अदा करने के आदेश दिए थे। चौधरी बशीर ने हाईकोर्ट में अपील की। 1 जुलाई, 2026 को हाईकोर्ट ने सेटलमेंट के 45 लाख रुपये जमा कराने के आदेश दिए थे।
इसके बाद भी विपक्षी ने रजिस्ट्रार जनरल इलाहाबाद के यहां रुपये जमा नहीं किए। 3 अगस्त, 2026 को अदालत ने मुकदमे में किसी प्रकार का स्टे देने से मना किया था। कार्यालय लिपिक ने आख्या दी। रिपोर्ट के अनुसार 23 सितंबर, 2019 से 23 मई, 2026 तक 45 हजार रुपये महीने के हिसाब से 36.90 लाख रुपये भरण पोषण की रकम बनती है। विपक्षी 6.60 लाख रुपये का भुगतान कर चुका है। 30.30 लाख रुपये बकाया हैं।