आगरा में डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचार संघ के पूर्व अध्यक्ष हरीश कसाना को चार वर्ष तक गैर हाजिरी रहने के बाद भी वेतन दिया गया।
कुलसचिव ने एकाउंट विभाग से पूछा है कि वेतन किस आधार पर जारी किया गया। अब वेतन की रिकवरी करने के लिए भी लिखा है।
हरीश कसाना की तैनाती विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ बेसिक साइंस के भौतिक विज्ञान विभाग में थी। एसआईटी ने उसे फर्जी मार्कशीट प्रकरण में दोषी ठहराया गया। दिसंबर 2017 मध्य में गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।