पांच घंटे हुई रिकार्ड 125 मिमी. बारिश ने शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। 1996 के बाद पहली बार एक दिन में इतना पानी बरसा है। इससे आधे से ज्यादा बाजार डूब गए। कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। ताजमहल और सिकंदरा स्मारक के अंदर भी पानी घुस गया। किला के पास हुए जलभराव में सैकड़ों पर्यटक घंटों फंसे रहे। पॉश कालोनियों की कोठियों के किचेन तक लबालब हो गए। जलभराव से ट्रैफिक भी थम गया । एनएच-2 समेत पूरा शहर सुबह से शाम तक जाम से जूझता रहा।
उधर, एमजी रोड पर नालबंद चौराहा के पास प्लाट में भरे पानी में मजदूर शाहिद का बेटा सारिक (15) डूब गया। इससे गुस्साए लोगों ने सुबह 10 से दोपहर 2:30 बजे तकएमजी रोड पर जाम लगाए रखा। वाहनों पर पथराव किया। पानी से उसका शव निकाले जाने के बाद ही ये लोग शांत हुए।
उधर, राजामंडी, मदिया कटरा, एमजी रोड, संजय प्लेस, बिजली घर समेत सभी प्रमुख बाजारों में पानी भरा। बेसमेंट की दुकानें तो पूरी डूब गई। लायर्स कालोनी, सूर्य नगर, कमला नगर जैसी पाश कालोनियों में भी जलभराव हुआ। उधर चंबल नदी में कोटा (राजस्थान) से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह आज रात तक बाह में पहुंच जाएगा। नदी के आस पास के गांवों को अलर्ट किया गया है। इसके अलावा रविवार रात तीन घंटे और सोमवार सुबह दो घंटे हुई इस बारिश से देहात में सरकारी स्कूलों समेत कई इमारतें गिर गई।