डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की पुनर्परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो गईं। पहले दिन बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी और एमकॉम के विभिन्न विषयों के 401 प्रश्नपत्रों की परीक्षा संपन्न कराई गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन इसको गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज कराने के प्रयास में जुट गया है। उसका दावा है कि किसी विश्वविद्यालय ने एक दिन में इतने विषयों की पुनर्परीक्षा नहीं कराई है।
शैक्षणिक सत्र 2016-17 में एक विषय में अनुत्तीर्ण और श्रेणी सुधार के इच्छुक छात्रों के अलावा विगत वर्षों में पर्यावरण, शारीरिक शिक्षा एवं राष्ट्रीय गौरव परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राएं पुनर्परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। लंबे समय बाद विश्वविद्यालय ने मध्य सत्र में पुनर्परीक्षा कराई है। नहीं तो मुख्य परीक्षा के साथ ही पुनर्परीक्षा कराई जाती थी।
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परीक्षा 19 नवंबर तक चलेगी। पहले दिन तीन केंद्रों आगरा कालेज, आरबीएस कालेज और सेंट जोंस कालेज में दो पाली में परीक्षा हुई। तीनों केंद्रों पर 10400 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से करीब पांच फीसदी परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
पहली पाली की परीक्षा सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो से शाम पांच बजे तक हुई। कुछ परीक्षाएं लिखित तो कुछ ओएमआर शीट पर कराई गईं। कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
25 पर्यवेक्षक तीनों केंद्रों पर लगाए गए थे। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. गिरजाशंकर शर्मा के पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्वक हुई। एक दिन में 401 के विषयों की परीक्षा कराकर विश्वविद्यालय ने इतिहास बनाया है। इसको गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज कराया जाएगा।
एक हफ्ते में जारी हो जाएगा परिणाम
विश्वविद्यालय प्रशासन पुनर्परीक्षा का परिणाम एक हफ्ते में जारी करने की तैयारी में है। ज्यादातर परीक्षाएं ओएमआर आधारित कराई जा रही हैं। दीक्षांत समारोह के पहले सभी को परिणाम देने की योजना है।
पुनर्परीक्षा में विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कालेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। परीक्षार्थियों को जो प्रवेश पत्र जारी किया गया है, उस पर परीक्षा केंद्र के साथ परीक्षा की तिथि अंकित की गई है।
शुक्रवार को केंद्रों पर तमाम ऐसे परीक्षार्थी भी पहुंच गए, जिनकी परीक्षा 18 नवंबर को है। विश्वविद्यालय के पीआरओ का कहना है कि परीक्षार्थी प्रवेश पत्र में परीक्षा की तिथि और समय देखकर पहुंचे।