आगरा। तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में फैली चंबल सेंक्चुअरी में अवैध खनन रोकने के लिए इसके किनारे मौजूद राजस्व भूमि को संरक्षित वन घोषित किया जाए। यह सिफारिश सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट से की है। सीईसी के सदस्य सचिव डॉ. सतीश सी गरकोटी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई रिपोर्ट नंबर 15 में स्पष्ट कहा है कि सेंक्चुअरी में हर 1.1 किमी. क्षेत्र में तैनात वन रक्षकों के साथ तीन विशेष सशस्त्र बल तैनात किए जाएं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 22 जुलाई (आज) सुनवाई की जाएगी।
इसी साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने चंबल सेंक्चुअरी में बालू के अवैध खनन, शिकार और वन्यजीवों पर पड़ रहे बुरे प्रभाव को देखते हुए स्वत: संज्ञान लिया था। कोर्ट ने इस मामले में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी से रिपोर्ट मांगी थी, जिस पर 16 जुलाई को कमेटी के सदस्यों ने चंबल सेंक्चुअरी क्षेत्र का निरीक्षण किया और अवैध खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन मांगा। सीईसी ने कोर्ट में फिर से नई रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें ताजा निरीक्षण के बाद के हालातों का ब्योरा और सिफारिशें की गई हैं।
सीईसी ने कोर्ट में पेश कीं यह सिफारिशें
- तीन माह में मध्य प्रदेश में हर फॉरेस्ट गार्ड के साथ तीन हथियारबंद जवान और राजस्थान में तीन होमगार्ड तैनात किए जाएं।
- अवैध रेत खनन रोकने के लिए चंबल सेंक्चुअरी, रामसर साइट, अन्य सेंक्चुअरी में एकसमान राष्ट्रीय ढांचा बनाया जाए।
- यूपी, एमपी और राजस्थान छह माह के अंदर सीसीटीवी, पीटीजेड, एआई-थर्मल कैमरे, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करें।
- सेंक्चुअरी के अंदर के रास्तों पर निगरानी के लिए पांच एआई-थर्मल कैमरे और 50 वाई-फाई-सक्षम डोम कैमरे लगाएं।
- आईटीएमएस, ब्लैलिस्ट वाहनों को जब्त करने और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्लेटफॉर्म को एकीकृत कर उपयोग करें।
- चंबल नदी पर बने सभी पुलों पर एनएचएआई एआई आधारित निगरानी प्रणाली लगाए, रेलिंग के साथ लोहे का जाल लगाए।
- प्रवर्तन के लिए छह माह के अंदर सेंक्चुअरी के अंदर की राजस्व भूमि को संरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करना चाहिए।
- जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग छह माह में सेंक्चुअरी में वैज्ञानिक पर्यावरण प्रवाह (ई-फ्लो) ढांचा तैयार कर लागू करे।
- वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट घड़ियाल, डॉल्फिन की आबादी, जल की गुणवत्ता और आवास की सालाना वैज्ञानिक निगरानी करेगा।