फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लपगवां और घिरोर देहात में भी हुआ रिचार्ज पिट के नाम पर फर्जीवाड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी/घिरोर। विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायतों में रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा किया गया। भटानी के बाद अब लपगवां और घिरोर देहात में तीन रिचार्ज पिट का निर्माण कराए बिना ही धनराशि निकाल ली गई। ऐसे में अन्य ग्राम पंचायतों में भी रिचार्ज पिट के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।
विज्ञापन

ब्लॉक की 57 ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के लिए रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर धनराशि का भुगतान किया गया। लेकिन इसमें निर्माण कराए बिना ही धनराशि का फर्जीवाड़ा हो गया। ग्राम पंचायत लपगवां और घिरोर देहात में भी रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर चार से पांच माह पहले धनराशि निकाल ली गई, लेकिन निर्माण आज तक नहीं हो सका। ग्राम पंचायत घिरोर देहात के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला सिकरवार में 12 जनवरी 2022 को रिचार्ज पिट का निर्माण दिखाते हुए 67292 रुपये का मनरेगा से भुगतान कर लिया गया। ग्राम पंचायत लपगवां के प्राथमिक विद्यालय नगला बाग में 22 दिसंबर 2021 को और 21 दिसंबर 2021 को पूर्व माध्यमिक विद्यालय लपगवां में रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर 67-67 हजार की धनराशि निकाल ली।
ब्लॉक में बुलाई गई बैठक
शनिवार को ब्लॉक घिरोर पर कुछ ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों को बुलाया गया है। इसमें लपगवां और घिरोर देहात के प्रधान भी पहुंचे थे। उनसे किसी भी प्रकार रातों रात रिचार्ज पिट निर्माण कराने के लिए कहा गया। ऐसे में इन दोनों ग्राम पंचायतों में देर रात या रविवार को सुबह से काम शुरू कराया जा सकता है।
विज्ञापन

सचिवों पर बनाया जा रहा दबाव
सूत्रों के अनुसार रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर जो भी भुगतान हुआ उन फाइलों में पंचायत सचिवों के हस्ताक्षर नहीं हैं। ऐसे में ब्लॉक स्तरीय एक अधिकारी ने शनिवार को सचिवों को अपने कार्यालय बुलाया। उनसे रिचार्ज पिट की फाइलों पर हस्ताक्षर करने के दबाव बनाया गया। कुछ ने हस्ताक्षर कर दिए तो कुछ न करने की बात पर डटे रहे।
जिलाधिकारी से मिलेंगे घिरोर के पंचायत सचिव
ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा रिचार्ज पिट निर्माण में फर्जीवाड़ा किए जाने की जानकारी न होने की बात पंचायत सचिव कह रहे हैं। सचिव जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराएंगे। सचिवों ने बताया कि ब्लॉक से ही रिचार्ज पिट का सीधे मनरेगा से भुगतान कराया गया। अब ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उन्हें कार्रवाई का दबाव बनाकर हस्ताक्षर करने के लिए कह रहे हैं।
रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर जिसने भी फर्जीवाड़ा किया है, चाहे वह ब्लॉक स्तरीय अधिकारी हो या ग्राम पंचायत स्तरीय कठोर कार्रवाई होगी। अन्य ग्राम पंचायतों में भी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन

-विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें