ताजमहल के पार्श्व में बहती यमुना
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आगरा में ताजमहल के पीछे यमुना किनारे अवैध खनन के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) 18 मई को दोबारा सुनवाई करेगा। 10 जनवरी को अदालत ने आदेश सुरक्षित किया था, लेकिन याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने नए तथ्य प्रस्तुत किए। इसके बाद मामले में फिर सुनवाई के लिए एनजीटी ने 18 मई की तारीख तय की है।
ये है मामला
मई 2022 में ताजमहल के पीछे यमुना की खादरों में अवैध खनन हुआ था। 8500 क्यूबिक मिट्टी की खुदाई का वन विभाग पर आरोप था। जिसे लेकर याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने एनजीटी में शिकायत दर्ज कराई। एनजीटी ने टीटीजेड चेयरमैन अमित गुप्ता, डीएम सहित अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा। जवाब के बाद एनजीटी ने एक कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए।