कलक्ट्रेट स्थित जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय
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मैनपुरी। आधार फीडिंग के दौरान 13 हजार राशन कार्ड धारकों के दो स्थानों से राशन और केरोसिन लेने का मामला सामने आया है। एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) ने पूर्ति विभाग को इन कार्डों की सूची सौंप दी है। इसके अनुसार ये धारक करीब एक वर्ष से राशन ले रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर 4786 राशन कार्ड धारक मामले में शामिल पाए गए हैं। वहीं अब विभाग ने कार्डों का सत्यापन और निरस्तीकरण शुरू कर दिया है।
राशन वितरण में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आधार फीडिंग कारगर साबित हो रही है। एनआईसी लखनऊ ने जिले को भेजी सूची में 12 हजार 986 राशन कार्ड धारकों के नाम शामिल किए हैं। ये वे राशन कार्डधारक हैं, जो जिले के मूल निवासी हैं, लेकिन इनका कार्ड प्रदेश के दूसरे जनपद में भी बना है। इतना ही नहीं ये दोनों जगह से राशन भी ले रहे हैं।
सूची मिलने के बाद जब विभाग ने सत्यापन किया तो पता चला कि वास्तव में ये राशन कार्ड दोनों जगह बने हैं। इसके बाद राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई है। प्रथम चरण में सत्यापन के बाद पूर्ति विभाग ने 4786 राशन कार्ड धारकों की सूची संबंधित जिले के पूर्ति अधिकारी को भेजकर राशन कार्ड निरस्त करने के लिए कहा है। वहीं अन्य का सत्यापन कराया जा रहा है। इन राशन कार्डों में अधिकतर राशन कार्ड एटा, इटावा, फिरोजाबाद, कन्नौज, मथुरा और गाजियाबाद में बने हैं।
राशन कार्ड दो जगह बने होने के पीछे सत्यापन में अधिकतर एक ही कारण सामने आया है। इसमें जिले के लोग आसपास के जिले में नौकरी कर रहे हैं, उन्होंने वहां भी राशन कार्ड बनवा लिया। जबकि परिवार के लोग मैनपुरी में भी उनके नाम पर राशन ले रहे हैं।