मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र में किसानों के आंदोलन से आगरा की सिकंदरा मंडी में आम और प्याज पर असर पड़ा है। प्याज की कीमत में प्रति किग्रा दो रुपये दाम बढ़े हैं।
वहीं इन राज्यों से आम की खरीद करने वाले व्यापारी कम होने पर कीमत में 10 रुपये तक गिर गए हैं। राज्यों में किसानों के आंदोलन के चलते व्यापारी खरीद करने मंडी में कम आ रहे हैं।
मंडी में आम का थोक भाव पिछले सप्ताह 30-35 रुपये किग्रा था, जो अब 20-25 रुपये रह गया है। आम के थोक व्यापारी हरी सिंह बताते हैं कि आम की अधिकांश आपूर्ति उत्तर प्रदेश से होती है।
इसमें सीतापुर, मलिहाबाद, लखनऊ, अलीगढ़, मेरठ, सिकंदराराऊ से ज्यादा आम आता है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र में हड़ताल और आंदोलन के चलते यहां के व्यापारी खरीद करने के लिए कम आ रहे हैं।
मंडी में अाए फल
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इससे बिक्री प्रभावित हुई है। फलों के थोक व्यापारी यशपाल सिंह ने बताया कि हड़ताल से ग्राहक कम होने पर आलू की विभिन्न वैरायटी पर 5 से 10 रुपये की कमी आई है।
प्याज की बात करें तो औसतन यहां रोजाना 10-12 ट्रक प्याज आती है। मध्यप्रदेश की हड़ताल के चलते अब यहां 7-8 ट्रक की आवक रह गई है। इससे प्याज के दाम दो रुपये प्रति किग्रा बढ़ गए हैं।
प्याज के थोक व्यापारी चांद मोहम्मद ने बताया कि पिछले सप्ताह प्याज यहां छह रुपये किग्रा थी, जो अब आठ रुपये हो गई है। प्याज के व्यापारी नरेश कुमार ने बताया कि हड़ताल से आवक कम हुई है।
किल्लत जैसी कोई स्थिति नहीं है। सिकंदरा सब्जी मंडी कमीशन एजेंट यूनियन के अध्यक्ष सतेंद्र पाल सिंह का कहना है हड़ताल से प्याज की आवक जरूर कुछ कम हुई है, लेकिन फल एवं अन्य सब्जी की आवक पर कोई असर नहीं है।
हरी सब्जी की आवक पर नहीं कोई असर
सिकंदरा मंडी में हरी सब्जी की आवक पर कोई असर नहीं है। टमाटर के थोक व्यापारी बबलू बताते हैं कि टमाटर, कद्दू, लौकी, तोरई, हरी मिर्च समेत अन्य हरी सब्जी आसपास के जिलों से आती है।
यहां हड़ताल और आंदोलन न होने के कारण इनकी आवक पर कोई असर नहीं पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने छह जून से होने वाला किसानों की हड़ताल को स्थगित कर दिया है।
जिलाध्यक्ष श्याम सिंह चाहर ने बताया कि किसान नेता राकेश टिकैत के आह्वान पर छह जून को दस सूत्रीय मांगों के लिए हड़ताल का एलान किया गया था।
अब उन्होंने बताया कि सरकार से बातचीत की जा रही है, ऐसे में हड़ताल स्थगित कर दी जाए। दरअसल, छह जून से यूनियन ने 10 सूत्रीय मांगों के लिए शहर में दूध-सब्जी की आपूर्ति रोकने का एलान किया था।