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पांच साल की बालिका के साथ किशोर ने किया दुष्कर्म

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कुरावली (मैनपुरी)। थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन अक्तूबर को पांच साल की बच्ची के साथ किशोर ने दुष्कर्म किया। बच्ची का इलाज कराने की बात कहकर परिवार के लोगों ने समझौता करा दिया। आरोपी पक्ष के इलाज कराने से इनकार कर देने के बाद पीड़ित पक्ष ने बृहस्पतिवार को थाने में तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया।
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थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। गांव में पत्नी बच्चों के साथ रह रही है। तीन अक्तूबर को उसकी पांच साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी परिवार का ही 16 वर्षीय किशोर बच्ची को लालच देकर साथ ले गया। कमरे में ले जाकर आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची की हालत बिगड़ गई, तो आरोपी बच्ची को उसी अवस्था छोड़कर भाग गया।
जानकारी होने के बाद पीड़िता के परिजनों ने शिकायत की तो आरोपी के परिजन मामले को दबाने की कोशिश में जुट गए। दोनों पक्षों के बीच हुई पंचायत में इलाज कराने पर सहमति बन गई। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को एटा के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार को आरोपी पक्ष इलाज कराने की बात से मुकर गया। इसके बाद पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
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एएसपी ने गांव पहुंच कर ली जानकारी
बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात के बाद बृहस्पतिवार को एएसपी मधुवन कुमार ने गांव पहुंचकर पीड़िता के परिजनों से जानकारी ली। उनके साथ सीओ डीपी गौड़, इंस्पेक्टर देवेंद्र नाथ मिश्रा भी थे।
पिता की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
-देवेंद्र नाथ मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक
पंचायत में बीस हजार रुपये में हुआ था समझौता
कुरावली। पांच साल की बच्ची के साथ आरोपी ने दुष्कर्म किया। पंचायत हुई तो मासूम के दर्द की कीमत 20 हजार रुपये लगाई गई। तीन दिन बाद जब बच्ची की हालत में सुधार नहीं हुआ, तो पीड़ित पक्ष ने और रुपये मांगे। इस पर आरोपी पक्ष ने मना कर दिया। बात बिगड़ गई और मामला थाने तक जा पहुंचा।
दुष्कर्म की घटना के बाद जब पीड़िता की मां और पिता ने आरोपी के घर शिकायत की तो आरोपी पक्ष के कई मददगार सामने आ गए। परिवार की बात कहते हुए मामले को दबाने के लिए जतन शुरू कर दिए। रिश्तेदारों को एकत्रित करके पंचायत की गई। पंचायत में तय हुआ कि आरोपी पक्ष बीस हजार रुपये पीड़िता के इलाज के लिए देगा। वारदात वाले दिन पीड़िता का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरावली में कराया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर एटा के एक निजी अस्पताल में बच्ची को भर्ती कराया गया। इस बीच इलाज में बीस हजार रुपये खर्च हो गए।
इसके बाद बृहस्पतिवार को पीड़ित पक्ष ने इलाज कराने के लिए आरोपी पक्ष से बीस हजार रुपये और देने की मांग की। इस बार आरोपी पक्ष ने रुपये देने से इनकार कर दिया और मामला थाने पहुंच गया।
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