तीन माह पूर्व सोरों क्षेत्र के गांव भिदौनी से अपहृत हुए बालक की फिरौती के लिए बाहुबली कैदी का फोन आया। जेल से बालक के परिजनों के पास फोन आने से सेंट्रल जेल प्रशासन कटघरे में है। कासगंज पुलिस ने मामले में जांच आगे बढ़ाई।
इसके अलावा नौ लाख की फिरौती के लिए पत्र भेजकर कैदी ने परिजनों को जेल में मुलाकात के लिए भी बुलाया। जेल से फोन आने पर पुलिस और जेल प्रशासन में खलबली है।
12 मार्च को सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव भिदौनी में ओमपाल सिंह की भतीजी की बरात आई हुई थी। परिजन काम में व्यस्त थे। इसी बीच ओमपाल के 10 वर्षीय बेटे अचल सिंह का अज्ञात व्यक्ति अपहरण कर ले गए।
आगरा सेंट्रल जेल से बालक के परिजनों को फोन किया। जेल से कैदी का फोन आना जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा करता है क्योंकि जेल में मोबाइल फोन कैसे पहुंचा।
इस मामले में एसपी अशोक कुमार शुक्ल ने सोरों कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह को जांच के लिए आगरा सेंट्रल जेल भेजा। सेंट्रल जेल में कोतवाली प्रभारी ने पूछताछ की, लेकिन कैदी ने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
सेंट्रल जेल में बंद फिरोजाबाद का अपराधी धांसू सिंह बघेल हत्या का आरोपी है। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बताया जाता है कि धांसू एक खतरनाक अपराधी है।
अशोक कुमार शुक्ल, एसपी कासगंज का कहना है कि अपराधी धांसू सिंह बघेल ने अपहृत बालक के परिजनों को फोन किया। फिरौती मांगी। बालक के परिजन उससे मुलाकात करने भी गए। जेल से फोन आना एक बढ़ी लापरवाही और अपराध से जुड़ा मामला है।
एसपी मिश्रा, जेलर, सेंट्रल जेल, आगरा का कहना है कि जेल से फोन पहुंचने की बात पूरी तरह निराधार है। पिछले एक साल से मैं जेल में तैनात हूं। पूरी जेल में एक भी मोबाइल नहीं है। पुलिस को गलत सूचना दी जा रही है।