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घरों में इबादत करके रखे जाएंगे रोजे

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हाजी शेख आफताब हुसैन - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। मुस्लिम समाज के लोगों को पाक माह रमजान का बेसब्री से इंतजार रहता है। चंद दिन बाद रोजे शुरू हो जाएंगे। लॉकडाउन के चलते इस बार मस्जिदों में जमात के साथ नमाज अदा नहीं होगी। बल्कि घरों में ही इबादत करेंगे। हम इस बार इबादत और सब्र से कोरोना को हराएंगे। बदले हुए माहौल में इस मुबारक महीने को लेकर मुस्लिम समाज के बुजुर्गों ने अपनी बात बेबाकी से कही।
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कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन है। कोरोना से बचाव के लिए लोग अपने घरों में हैं। इसके बाद भी रमजान माह का इंतजार है। रोजे रखकर हम लोग इबादत करके कोरोना वायरस से लड़ेंगे।
हाजी शेख आफताब हुसैन, लाल इमली फाटक
पहली बार ऐसा होगा जब मस्जिदों में रमजान में नमाज अदा नहीं होगी। तरावीह और इफ्तार पार्टी भी इस बार नहीं होंगी। एक साथ घर में रहकर नमाज अदा करके समाज केे लोग पूरी शिद्दत से इबादत करेंगे।
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हाजी अंसार अहमद, आगरा रोड
कोरोना संक्रमण तो महामारी है, रमजान माह में इबादत करके कोरोना संक्रमण से लड़ने का अहद (संकल्प) लेंगे। सरकार के निर्देशों का पालन करके सामाजिक दूरी भी बनाएंगे। घरों में जो सुविधा होगी उसी से काम चलाया जाएगा।
मुन्ना सिद्दीकी, महमूद नगर
हमारे लिए रमजान पाक माह है। अभी तक मस्जिदों में सामूहिक नमाज पढ़ी गई है। इस बार घरों में रहकर नमाज पढ़ी जाएगी। अगर खजूर नहीं मिलेंगे तो घर पर जो होगा उसी से रोजे खोले जाएंगे।
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रियासत खां, आगरा रोड
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