मैनपुरी। खाली प्लॉट में भरे पानी में डूबकर हुई चार वर्षीय बच्ची की मौत के लिए नगर पालिका को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका ने गली का निर्माण कागजों में तो करा दिया है, लेकिन मोहल्ले में गली अधूरी है। प्रमाण के तौर पर कुल 170 मीटर गली निर्माण का शिलान्यास पट्टिका भी लगी है, लेकिन गली सिर्फ 60 मीटर ही बनी हुई है। सोमवार को गुस्साए लोगों ने मोहल्ले से लेकर कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया। साथ ही गली निर्माण में घोटाले का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की।
रविवार शाम रामलीला मैदान मोहल्ले में राजकीय इंटर कॉलेज के पीछे रहने वाले नीरज जाटव की चार वर्षीय बेटी निशा की मौत खेलते समय खाली प्लॉट में भरे पानी में डूबने से हुई थी। लोगों ने बच्ची की मौत के लिए नगर पालिका को जिम्मेदार ठहराते हुए जाम लगाकर प्रदर्शन भी किया था। सोमवार को बसपा जिलाध्यक्ष आरएन वर्मा के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद मोहल्ले के लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और यहां प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि जिस गली में यह हादसा हुआ वह कच्ची है। नालियां न होने के कारण घरों का पानी खाली प्लॉटों में भर रहा है।
लोगों का आरोप है कि दो माह पहले चेयरमैन मनोरमा देवी ने 170 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग गली का लोकार्पण किया है। शिलापट पर गली का निर्माण उदयवीर त्यागी के घर से रामस्नेही लाल पूर्व फौजी के घर तक दिखाया गया है। जबकि गली का निर्माण महज 60 मीटर रविंद्र सिंह फौजी के घर तक ही किया गया है। कहीं न कहीं गली निर्माण में घोटाला हुआ है। अगर गली का निर्माण पूरा होता तो खाली प्लाट में जलभराव नहीं होता और न ही यह हादसा होता। प्रदर्शन करने वालों में नीरज कुमार, रोशन लाल, जितेंद्र सिंह, उदयवीर, अजीत सिंह, सरनाम सिंह, जितेंद्र सिंह, समतार वर्मा, प्रदीप कुमार मौजूद रहे।
पांच लाख रुपये मांगा मुआवजा
सोमवार को बसपा जिलाध्यक्ष आरएन वर्मा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे मोहल्ले के लोगों ने डीएम को दो शिकायती पत्र सौंपे। एक में तो मृतका की मौत की जांच कराने की मांग की। तो दूसरे में मृतका के परिजनों के लिए पांच लाख रुपये की सहायता राशि की मांग की गई।
मोहल्ले में चारों ओर है जलभराव
तीन साल पहले नगर पालिका में शामिल हुए रामलीला मैदान वार्ड की अधिकांश गलियां कच्ची हैं। साथ ही न यहां नाली है और न ही नाला। इस कारण घरों से निकलने वाला पानी मोहल्ले में खाली प्लॉटों में ही जमा हो रहा है। अब यह प्लॉट तालाब का रूप ले चुके हैं। रविवार शाम हुए हादसे के बाद से यहां के वाशिंदे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चितिंत हैं।
नगर पालिका प्रशासन ने यदि सड़क और नालियां बनाई होतीं, तो बालिका निशा की जान नहीं जाती। निशा की मौत के लिए नगर पालिका प्रशासन जजिम्मेदार है।
समता रतन बौद्ध
नगर पालिका प्रशासन ने लोकार्पण कर दिया और इस बात का पता नहीं लगाया कि सड़क निर्धारित सीमा तक बनी कि नहीं। यदि चेयरमैन ने लोकर्पण के समय ध्यान दिया होता तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।
रामस्नेही लाल फौजी
मोहल्ले के खाली प्लॉटों में पानी भर रहा है। पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन नगर पालिका ने ध्यान नहीं दिया। ध्यान दिया जाता तो बालिका की मौत नहीं होती।
रोशन कुमार
नगर पालिका प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। लोग परेशान हैं, अभी एक निशा की मौत हुई है कई लोग बुखार की चपेट में जलभराव के चलते डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी भी फैल सकती है।
जितेंद्र कुमार
ठेकेदार ने लोकार्पण के दौरान पटिया लगाने में गलती की है। जहां तक निर्माण कार्य कराया गया वहीं तक का पटिया पर जिक्र करना चाहिए। जितनी सड़क बनी है उतनी की ही धनराशि जारी की गई है। ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। उसने गलत जिक्र कैसे कर दिया।
राजीव सोनकर, जेई निर्माण नगर पालिका
मामला बेहद गंभीर है, आखिर चूक कहां हुई है इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। यदि सड़क निर्माण अधूरा हुआ है और धनराशि निकाल दी गई तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
मनोरमा देवी, चेयरमैन नगर पालिका