बिछवां। विकासखंड सुल्तानगंज के परिसर में चल रही रामलीला के मंच पर शनिवार रात काव्यपाठ का आयोजन किया गया। मनोज चौहान ने लगाए घात सरहद पर यहां के वीर बैठे हैं, बनाकर छातियों को देश के प्राचीर बैठे हैं, कविता का पाठ किया।
कार्यक्रम की शुरुआत यात्री कर अधिकारी कौशलेंद्र यादव ने की। कवि सम्मेलन में शिकोहाबाद से आईं कवयित्री अपराजिता ने मां शारदे वीणा वादिनी सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सतीश मधुप ने केसरिया पावक सा पावन, अग्नि नहीं फुंकने देना, हरा रंग हरियाली वाला चक्र नहीं रुकने देना कविता सुनाई।
कवि देवेंद्र प्रताप सिंह ने अभी कश्मीर से कालिख मिटी है अनुच्छेद 370 की तथा कवि आकाश पाठक ने पर कटे पर परिंदा बचा है, अभी क्या हुआ घर दरिंदा बचा है कविता पढ़ी। कवि सम्मेलन में कृपाराम कृपालु, अमित कुमार दुबे, सुदर्शन दुबे, शरद कुमार दुबे, जितेंद्र कुमार यादव, राधेश्याम आदि ने कविता पाठ किया संचालन हरवीर सिंह यादव ने किया ।
अजीतगंज में हुआ भरत मिलाप
गांव में चल रहे रामलीला में भरत मिलाप, पंचवटी की लीला का मंचन किया गया। शनिवार की रात रामलीला का शुभारंभ दयाल महेश सेवा संस्थान के प्रबंधक अनूप पांडेय ने भगवान की आरती उतार कर किया।
गांव रठेरा में चल रही रामलीला के दौरान शनिवार की रात, जनक पश्चाताप, लक्ष्मण परशुराम संवाद व सीता स्वयंवर की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।