अजीतगंज। रामलीला के रंग मंच पर मंगलवार रात कलाकारों ने रावण वाणासुर संवाद, जनक का विलाप, लक्ष्मण जी का क्रोध और परशुराम लक्ष्मण संवाद की लीला का मंचन किया। लीला में जैसे ही भगवान श्रीराम ने शिव धनुष को भंग किया, वैसे ही रामलीला पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख जागीर के प्रतिनिधि संजय यादव ने भगवान की आरती उतारकर रामलीला का मंचन शुरू कराया। रामलीला कमेटी सिकंदरपुर के अध्यक्ष सिंटू दुबे ने कहा कि भगवान राम ने सदैव मर्यादा का पालन किया था, जिसके कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। इस अवसर पर चतुर्भुज सिंह चौहान, राधाकृष्ण मिश्रा, रज्जन यादव, महेंद्र सिंह यादव ठेकेदार, प्रवीण यादव, गौतम यादव, अवकांत मिश्रा, अनमोल मिश्रा, तस्लीम अली मौजूूूद रहे।
शबरी के प्रभु ने खाए बेर
किशनी। नगर के जूनियर हाईस्कूल के पास चल रही रामलीला के छठवें दिन कार्यक्रम का शुरुआत दिल्ली पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन रमेश गुप्ता और रामदास महाविद्यालय के सचिव नरेंद्र यादव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर की। रामलीला में मंगलवार रात सीता की खोज, बाली वध और लंका दहन का मंचन हुआ। सीता की खोज करते समय राम ने शबरी के बेर खाए।
धूमधाम से हुआ सीता स्वयंवर
कुरावली। क्षेत्र के गांव अशोकपुर सोनई में चल रही रात्रिकालीन रामलीला में राम सीता के विवाह कार्यक्रम का मंचन हुआ। रामलीला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। शिव के धनुष को तोड़ने के बाद स्वयंवर की शर्त के अनुसार भगवान राम का सीता के साथ विवाह संपन्न कराया जाता है। सुभाष प्रताप सिंह, मनोज चौहान, देवलाल, अंगद सिंह, जामवंत सिंह, दारा सिंह, संजय कुमार, जितेंद्र भदौरिया, राजकुमार सिंह चौहान आदि लोग मौजूद रहे।