मैनपुरी। रामलीला मैदान में चल रही रामलीला में शनिवार को सूर्पनखा का अंग-भंग और सीताहरण की लीला का मंचन हुआ। रामलीला का शुभारंभ कमेटी के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूप की आरती उतारकर किया।
चित्रकूट से भरत के वापस अयोध्या लौटने के बाद श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के साथ वन में निवास करने लगते हैं। एक दिन रावण की बहन सूर्पनखा वहां आती हैं और भगवान श्रीराम की सुंदरता को देखकर मोहित हो जाती हैं। इसके बाद वह उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखती है। राम विवाहित होने की बात कहकर उसे लक्ष्मण के पास भेज देते हैं। लक्ष्मण के इनकार करने पर वह अपने असली स्वरूप में आ जाती है और माता सीता का भक्षण करने को दौड़ती है।
राम का इशारा पाकर लक्ष्मण सूर्पनखा के नाक और कान काट देते हैं। यह देख दर्शक श्रीराम के जयकार लगाते हैं। इसके बाद रावण छल से सीता का हरण कर ले जाता है। रामलीला मंचन के दौरान कमेटी उपाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, अशोक गुप्ता पप्पू, कोषाध्यक्ष बीनू बंसल, आदित्य जैन, प्रशांत मिश्रा, स्वामी दयानंद सरस्वती, प्रतापभान सिंह, मनोज चौहान, ओमकार सिंह चौहान, हाकिम राजपूत, सुरेंद्र सिंह चक्कर, धीरज कुमार, नवीन सराफ, शिवानंद वर्मा, नरेंद्र राठौर, संदीप श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।
सीआरबी स्कूल में हुआ रावण दहन
मैनपुरी। पंजाबी कालोनी सीआरबी किंडरगार्टन में रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने राम जानकी की लीला, ताड़का वध, सीता हरण,रावण वध आदि नाटक प्रस्तुत किए। इस मौके पर प्रबंधक प्रेममित्र लूथरा ने श्रीराम लक्ष्मण जानकी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। इस दौरान महेंद्र गेरा, सिंधु अरोरा, तम्मना अरोरा ने बच्चों को पुरस्कार वितरित किए।