रमजान उल मुबारक के चांद की तस्दीक शुक्रवार शाम को शहर मुफ्ती मजदुल खुबैब रूमी ने की। शाही जामा मस्जिद पर इत्तिला दी गई तो रमजान के चांद को देखने के लिए लोग छतों पर पहुंचे। चांद दिखते ही मुस्लिम इलाकों में दुआएं की गईं। पहला रोजा शनिवार को होगा। मुकद्दस रमजान के शुरू होते ही लोगों ने एक दूसरे को मुबारकबाद दीं।
विज्ञापन
लॉकडाउन के कारण हिलाल कमेटी की बैठक में शहर मुफ्ती ने चांद देखकर इसकी तस्दीक की। शाही जामा मस्जिद से चांद दिखने का एलान किया गया। इस्लामिया लोकल एजेंसी के असलम कुरैशी ने कहा कि शहर मुफ्ती ने कहा है कि पहला रोजा शनिवार से होगा।
हिलाल कमेटी की बैठक में उन्होंने कहा कि मुसलमान घरों में रहकर रोजे रखें और तरावीह पढ़ें। इस मुकद्दस माह में इबादत कर दुआ करें कि मुल्क और दुनिया में महामारी से राहत मिले। बैठक में इमाम इरफान उल्ला खां निजामी, अब्दुल मलिक, सेठ नईम, हाजी शकील, हाजी इकबाल, अमजद कुरैशी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
रोजा और सहरी पहला रोजा
सुन्नी
25 अप्रैल, इफ्तार: शाम 6:50 बजे
26 अप्रैल, सहरी: सुबह 4: 16 बजे
शिया
25 अप्रैल, इफ्तार: शाम 7:00 बजे
26 अप्रैल, सहरी: सुबह 4.08 बजे
शाम को बाजार बंद रहे
इसके साथ ही मुस्लिम इलाकों मंटोला, पाय चौकी, ढोलीखार, गुलाबखाना, हींग की मंडी, नाई की मंडी, सराय ख्वाजा, लोहामंडी, वजीरपुरा, शहीद नगर, ईदगाह, नई बस्ती में मुसलमानों में खुशी की लहर दौड़ गई। मंटोला और पाय चौकी क्षेत्र में मुस्लिमों ने आतिशबाजी भी की। हालांकि शनिवार शाम को भी शहर के बाजार बंद रहे।
बाजारों में सिंवई, फैनी, खजला नहीं
रमजान के शुरू होते ही बाजारों में सिंवई, फैनी, खजला और व्यंजनों के लिए दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लग जाती थी, लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण लोग खरीदारी करने नहीं निकले। अब लोगों को चिंता सता रही है कि रोजेदार सहरी व इफ्तार कैसे करेंगे। फल विक्रेता भी इलाकों में नहीं आ रहे हैं।
मस्जिदों में भी शुरू होगी इबादत
शहर की मस्जिदों में इमाम और मुतवल्ली ही नमाज पढ़ेंगे। सुन्नत तरावीह पढ़ी जाएंगी। सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) के कारण रोजेदारों को मस्जिदों में इबादत करने की इजाजत नहीं होगी।
मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में कोरोना फाइटर्स पैकिट बंद दूध की होम डिलीवरी करेंगे। एडीएम सिटी ने इसके लिए थानास्तर पर टीमें बनाई हैं। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि शाहगंज, मंटोला, ढोलीखार, नाई की मंडी, शहीद नगर, ताजगंज, हींग की मंडी, लोहामंडी, आजमपाड़ा आदि मुस्लिम इलाकों में दूध की सप्लाई के लिए अलग टीमें बनाई हैं। टीम में शामिल कोरोना फाइटर्स इन क्षेत्रों में दूध उपलब्ध कराएंगे। इनमें जो इलाके हॉट स्पॉट हैं, वहां पूरी सावधानी बरती जाएगी।