मुबारक माह रमजान में मुस्लिम इलाकों में रात को रौनक देखते ही बनती है। इफ्तार के बाद मंटोला का मदीना तिराहा हो या फिर ढोलीखार की तंग गली, दुकानों और चाय के होटलों पर रौनक बिखर रही है। तमाम लोग सहरी भी इन दुकानों पर करते हैं।
भीषण गर्मी के चलते लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। सुबह से लेकर शाम तक मुस्लिम इलाकों में सन्नाटा पसरा रहता है। ज्यादातर रोजेदार कड़ी धूप में निकलने से परहेज करते हैं। हालांकि कई कामकाजी लोग रोजा रखने के बाद भी ड्यूटी करते हैं। शाम को इफ्तार करने के बाद लोग मस्जिदों में तरावीह पढ़ने जाते हैं।
तरावीह खत्म होने पर बाजारों में रौनक दिखाई देती है। मंटोला के मदीना तिराहा, ढोलीखार, नाई की मंडी, गालिब पुरा, वजीरपुरा, बेसन की बस्ती, सैयद पाड़ा, सराय ख्वाजा, शहीद नगर में देर रात को चहल पहल होती है। रोजेदार चाय की दुकानों पर जमा होते हैं।
बाजार में कुछ दुकानें भी देर रात तक खुलती हैं। इनमें इफ्तार और सहरी का सामान मिलता है। सिंवई, फैनी, दूध, अंडा, ब्रेड की बिक्री होती होती है। मंटोला समेत कई इलाकों में कुछ लोग सहरी भी घर के बाहर हल्का फुल्का दूध, ब्रेड या मक्खन लेकर करते हैं।
मंटोला के इमरानउद्दीन ने कहा कि रात में बाजारों में मेले जैसा माहौल रहता है। ज्यादातर युवा घरों में कम बाजार में सहरी करते हैं। मुस्लिम इलाकों में रात दो बजे से ही दुकानें खुल जाती हैं।
भीषण गर्मी में 15 घंटे से अधिक का रोजा रोजेदारों का कड़ा इम्तिहान ले रहा है। ऐसे में बच्चे, बुजुर्ग और युवा फलों के सेवन पर ज्यादा गौर कर रहे हैं। यही कारण है कि रमजान में फलों के दाम भी बढ़ गए हैं।
आम 40 रुपये से 80 से 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है तो अंगूर 100 से 120 रुपये किलो हो गए हैं। तरबूजे में खासा पानी होता है, इसलिए रोजेदार इसका भी भरपूर सेवन करते हैं। इसके दामों में भी इजाफा हो गया है। जनता कालोनी की अंजुम अजीज बताती हैं कि रमजान में फलों के दामों में वृद्धि हो गई है।